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उत्तरकाशी आपदा: छह बार आया मलबा, धराली बना मैदान; अडिग रहा समेश्वर देवता का मंदिर

उत्तरकाशी आपदा: छह बार आया मलबा, धराली बना मैदान; अडिग रहा समेश्वर देवता का मंदिर

07 अगस्त 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

National Desk:  उत्तरकाशी आपदा: खीर गंगा में आया मलबे का सैलाब, 20 सेकेंड में तबाह हुआ धराली बाजार; समेश्वर देवता मंदिर रहा सुरक्षित                                                                                                उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में मंगलवार दोपहर करीब 1:50 बजे खीर गंगा में आए भीषण पानी और मलबे के सैलाब ने भारी तबाही मचाई। महज 20 से 30 सेकंड के भीतर धराली बाजार मलबे में समा गया। होटल, दुकानें, बाग-बगीचे और यहां तक कि पांडवकालीन कल्प केदार मंदिर भी इस विनाशकारी सैलाब की भेंट चढ़ गए। कई लोग मलबे में दब गए हैं, हालांकि उनकी संख्या फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है।

इस प्राकृतिक आपदा का प्रकोप यहीं नहीं रुका। देर शाम तक खीर गंगा से करीब पांच से छह बार और मलबे का तेज बहाव नीचे की ओर आया, जिसने नदी के दूसरी ओर बसे ग्रामीणों के घरों को भी जमींदोज कर दिया। तबाही इतनी व्यापक थी कि धराली गांव का बाजार क्षेत्र, बास्केटबॉल मैदान और भागीरथी नदी के किनारे का लगभग एक किलोमीटर क्षेत्र मलबे के ढेर में बदल गया।

इस भयावह आपदा के बीच एक चमत्कार भी सामने आया। जहां आसपास के मकान मलबे में दब गए, वहीं गांव के समेश्वर देवता मंदिर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। मंदिर पूरी तरह सुरक्षित खड़ा रहा, जिससे ग्रामीणों की आस्था और भी गहरी हो गई है। मंदिर के पास के कुछ भवन भी सुरक्षित हैं, हालांकि वहां रह रहे लोगों को प्रशासन द्वारा रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है।

प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने और मलबे में दबे लोगों की खोजबीन में जुटे हैं।