देहरादून के बाद रुड़की के लक्सर में कुट्टू के आटे से बनी पूड़ी और पकौड़ी खाने से तीन गांवों के 18 लोगों की हालत बिगड़ने की खबर आई है। बताया जा रहा है कि देर रात फूड प्वाइजनिंग होने के बाद सभी को उल्टी, दस्त के साथ घबराहट की शिकायत होने लगी। कुछ समय तक परिवार के लोग घर में ही छोटा मोटा उपचार करते रहे, लेकिन हालत ज्यादा बिगड़ने के चलते रात बारह बजे के बाद लोग अस्पतालाें में पहुंचना शुरू हुए। सूचना पर स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। तीनों गांवों से आटे के सैंपल लिए गए हैं। आटा कहां से आया, इसे लेकर कड़ी जोड़ी जा रही है। वहीं सीएमओ ने अस्पतालों का दौरा कर मरीजों का हाल जाना। बताया कि फिलहाल सभी हालत खतरे से बाहर है।
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रविवार को चैत्र नवरात्र का पहला व्रत था। शाम के समय कुट्टू के आटे की पूड़ी, पकौड़ी आदि बनाकर व्रती व्रत का पारायण करते हैं। लक्सर क्षेत्र में निरंजनपुर, कान्हावाली और खेड़ी कलां गांव में भी पांच परिवारों में व्रतियों ने कुट्टे के आटे का सेवन किया था। रात के समय इनमें से कुछ लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। लोगों को उल्टी, दस्त और घबराहट होने पर उनकी बिगड़ती तबीयत को देख परिजनों ने 18 लोगों को लक्सर के तीन अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया। जहां उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार आना शुरु हुआ। कुट्टू के आटे के सेवन से बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने की सूचना मिलने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर के सिंह, एसीएमओ डॉ. अनिल वर्मा, एसडीएम सौरभ असवाल, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी, सीओ नताशा सिंह अस्पताल पहुंचे और जानकारी ली। सीएमओ डॉ. आर के सिंह ने बताया कि जानकारी में अस्पताल में भर्ती कराए गए लोगों ने कुट्टू के आटे के सेवन और इससे उल्टी होने की जानकारी दी है। यह फूड प्वाइजनिंग का मामला है। सभी लोगों की हालत खतरे से बाहर है।