अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्कर बनमीत नरूला और उसके भाई परमिंदर नरूला पर स्पेशल ईडी कोर्ट में मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) के आरोप तय किए गए। दोनों भाइयों को पिछले साल अप्रैल-मई में गिरफ्तार किया गया था। आरोप हैं कि बनमीत डार्क वेब के जरिये ड्रग्स तस्करी करता था। इसके बाद वहां से बिटकॉइन के माध्यम से धन को अपने भाई परमिंदर नरूला को भी भेजता था। इनके भारतीय खातों में 10 करोड़ रुपये से ज्यादा का लेनदेन मिला, जिसे दोनों भाईयों ने संपत्तियों में निवेश किया। आरोपों पर सुनवाई के दौरान दोनों भाईयों ने खुद पर लगाए आरोपों से इन्कार किया और मुकदमे के ट्रायल की मांग की। इस पर अब कोर्ट ने आगामी चार मई को सुनवाई की तिथि नियत की है।
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गौरतलब है कि नरूला बंधु हल्द्वानी के रहने वाले हैं। इनमें बनमीत नरूला बीते डेढ़ दशक से यूरोप और अमेरिका में सक्रिय था। डार्क वेब मार्केट पर करोड़ों डॉलर का अवैध ड्रग्स का कारोबार किया। वर्ष 2019 में नरूला की हरकतें अमेरिकी सरकार को पता चली। इसके बाद उसे 2019 में ही लंदन में गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया।
वहां पर कोलंबिया कोर्ट में उस पर मुकदमा चला और वर्ष 2022 में उसे सात साल कैद और 50 लाख डॉलर के जुर्माने की सजा सुनाई गई। नरूला को पिछले साल अप्रैल में अमेरिकी कोर्ट से जमानत मिल गई और उसे भारत के लिए डिपोर्ट कर दिया गया, लेकिन भारत आते ही वह अंडरग्राउंड हो गया। बनमीत के भारत आने की खबर ईडी को लगी तो एजेंसी ने 26 अप्रैल को घर पर छापा मारा। यहां घंटों पूछताछ और पड़ताल के बाद बनमीत के छोटे भाई परमिंदर को गिरफ्तार कर लिया गया।