छह अप्रैल को तपोवन-सुभाई सड़क पर भविष्य बदरी के पास चाचड़ी गांव के नजदीक एक जली कार में महिला का शव बरामद हुआ था। महिला की पहचान श्वेता पदमा सेनापति के रूप में हुई। वह अपने भाई सुनील सेनापति के साथ ढाक में रह रही थी। पांच अप्रैल की शाम को वह भविष्य बदरी मंदिर गए और लौटते समय आखिरी बार उन्हें घटनास्थल पर देखा गया। घटना के बाद से सुनील सेनापति लापता चल रहा था, उसकी तलाश के लिए पुलिस की एक टीम उनके गृह क्षेत्र बंगलूरू भी गई।
बृहस्पतिवार को आईटीबीपी, पुलिस, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ व डॉग स्क्वाड को संयुक्त अभियान के दौरान घटनास्थल से करीब 400 मीटर गहरी खाई में एक लाल स्वेटर दिखा। टीम चट्टानी रास्ते से रस्सियों के सहारे खाई में उतरी तो झाड़ियों में सुनील सेनापति का शव मिला। जांच में पता चला है कि उन्होंने होम स्टे का दो माह से किराया भी नहीं दिया था। दुकानों पर भी उनकी उधारी थी। लोगों से भी उन्होंने पैसे उधार लिए थे। आर्थिक तंगी के कारण श्वेता ने अपनी पायल और मोबाइल भी बेचा था।









