Home Gallery क्या हरियाणा में गिरेगी भाजपा सरकार? विधानसभा में अंकों की सियासत

क्या हरियाणा में गिरेगी भाजपा सरकार? विधानसभा में अंकों की सियासत

 हरियाणा 19 Dec 2025 Fact Recoder

National Desk : हरियाणा विधानसभा का सत्र इस समय जारी है, जो गुरुवार को शुरू हुआ। सत्र का पहला दिन काफी हंगामेदार रहा और विधायकों की वेशभूषा भी चर्चा का विषय बनी। हालांकि सत्र का सबसे अहम मुद्दा कांग्रेस द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव रहा।

स्पीकर द्वारा अविश्वास प्रस्ताव को स्वीकार किए जाने के बाद शुक्रवार को इस पर चर्चा शुरू हुई। लेकिन आंकड़ों को देखें तो साफ है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार किसी भी खतरे में नहीं है और उसके पास बहुमत के लिए आवश्यक विधायकों की संख्या मौजूद है।

रिपोर्ट्स के अनुसार विधानसभा की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 10:30 बजे शुरू हुई। स्पीकर हरविंदर कल्याण ने सदन में घोषणा की कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए दूसरी बैठक निर्धारित की गई है। बहस के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा के हस्ताक्षर नहीं थे, जो परंपरा के खिलाफ है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को एक साल बाद विपक्ष का नेता मिला है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कांग्रेस अपने नेतृत्व पर खुद भरोसा नहीं करती।

इस पर भूपिंदर सिंह हुड्डा ने जवाब देते हुए कहा कि अविश्वास प्रस्ताव के लिए कम से कम 18 विधायकों के हस्ताक्षर आवश्यक होते हैं, जो मौजूद थे।

विधानसभा में दलों की स्थिति

हरियाणा विधानसभा में कुल 90 सीटें हैं। 2024 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 48 सीटें, कांग्रेस ने 37 सीटें और इनेलो ने 2 सीटें जीतीं। इसके अलावा 3 निर्दलीय विधायक भी जीतकर आए हैं, जो भाजपा सरकार का समर्थन कर रहे हैं। इस तरह भाजपा के पास कुल 51 विधायकों का समर्थन है, जिससे सरकार पूरी तरह सुरक्षित नजर आ रही है।

पहले भी विफल रहे अविश्वास प्रस्ताव

गौरतलब है कि पिछले चार वर्षों में कांग्रेस पार्टी हरियाणा विधानसभा में दो बार अविश्वास प्रस्ताव ला चुकी है और दोनों बार उसे असफलता हाथ लगी है। 10 मार्च 2021 को तत्कालीन खट्टर सरकार के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव 55 मतों के समर्थन और 32 मतों के विरोध में गिर गया था। इसी तरह 22 फरवरी 2024 को लाया गया अविश्वास प्रस्ताव भी विधानसभा में टिक नहीं सका।