25 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: दिल्ली की एक अदालत ने कश्मीरी अलगाववादी नेता Aasiya Andrabi को देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा कि दोषी ने अपने कृत्यों पर कोई पछतावा नहीं जताया, बल्कि अपने विचारों पर गर्व व्यक्त किया। इसी वजह से अदालत ने उनकी तुलना 26/11 मुंबई हमलों के दोषी आतंकवादी Ajmal Kasab से की, जिसने भी अपने अपराध पर कोई पश्चाताप नहीं दिखाया था।
अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में नरमी दिखाना गलत संदेश दे सकता है और इससे भारत के किसी हिस्से को अलग करने की विचारधारा को बढ़ावा मिल सकता है। कोर्ट ने अंद्राबी को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 18 के तहत साजिश रचने का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
कोर्ट की अहम टिप्पणी
फैसले में अदालत ने कहा कि अंद्राबी ने अपने भाषणों और इंटरव्यू में लगातार कश्मीर को भारत से अलग करने की वकालत की और इस प्रचार के लिए पाकिस्तान से समर्थन भी मांगा। अदालत के अनुसार, ऐसे विचार भारत की संप्रभुता और अखंडता के खिलाफ हैं।
कौन हैं आसिया अंद्राबी?
Aasiya Andrabi प्रतिबंधित कश्मीरी अलगाववादी महिला संगठन Dukhtaran-e-Millat की संस्थापक और प्रमुख हैं। वह 1980 के दशक से कश्मीर में पाकिस्तान समर्थक अलगाववादी आंदोलन से जुड़ी रही हैं। इस आंदोलन का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग करना बताया जाता है।
आसिया का जन्म Srinagar में हुआ था। उनके पिता डॉक्टर सैयद शहाबुद्दीन अंद्राबी थे। उन्होंने श्रीनगर के गवर्नमेंट वीमेंस कॉलेज से विज्ञान में स्नातक की पढ़ाई की। युवावस्था में उनके भाई इनायतुल्ला अंद्राबी के माध्यम से वह इस्लामी साहित्य और विचारधारा से प्रभावित हुईं।
बाद में उन्होंने Jamaat-e-Islami की महिला शाखा से जुड़कर काम किया, लेकिन 1980 के दशक के मध्य में उससे अलग होकर दुख्तरान-ए-मिल्लत संगठन की स्थापना की। इस संगठन ने कश्मीर में महिलाओं के लिए सख्त ड्रेस कोड लागू करने का अभियान भी चलाया था।
आसिया अंद्राबी की शादी अलगाववादी नेता Ashiq Hussain Faktoo (डॉ. कासिम) से हुई है। वह पहले भी कई बार पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) के तहत गिरफ्तार हो चुकी हैं और लंबे समय तक जेल में रह चुकी हैं।













