Virat Kohli Vs BCCI Family Rules | India Cricket Team | कोहली बोले- मुश्किल दौर में खिलाड़ी के लिए परिवार अहम: वे अकेले रहना नहीं चाहते; BCCI ने दौरों पर परिवार साथ रखने पर पाबंदी लगाई है

5 दिन पहले

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विराट कोहली अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ। - Dainik Bhaskar

विराट कोहली अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ।

विराट कोहली ने दौरों पर परिवारों की मौजूदगी की वकालत की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उन्हें लगता है कि वे खिलाड़ियों के लिए संतुलन लाते हैं, जो मैदान पर मुश्किल दौर से गुजर रहे होते हैं।

उन्होंने कहा कि खिलाड़ी मैदान से अपने कमरे में लौटकर अकेले और उदास नहीं बैठना चाहता। वह नॉर्मल होना चाहता है। इसी तरह से खिलाड़ी अपनी जिम्मेदारी यानी खेल को सही तरह से निभा सकता है।

दरअसल, ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हार के बाद BCCI ने खिलाड़ियों के लिए सख्त नियम बनाए थे। इनमें विदेश दौरों पर खिलाड़ियों के परिवार के साथ रहने की समय सीमा भी तय की गई थी। टीम के साथ खिलाड़ियों की बॉन्डिंग पर भी जोर दिया गया था।

रोहित ने उठाया था फैमिली साथ रखने का मुद्दा

चैंपियंस ट्रॉफी की टीम अनाउंस होते वक्त रोहित शर्मा चीफ सिलेक्टर अजित अगरकर से कहते सुने गए थे कि BCCI के नए नियमों के लिए मुझे चीफ सेक्रेटरी से बातचीत करनी होगी।

रोहित ने कहा था कि इस मसले को लेकर सभी खिलाड़ी परेशान हैं और उन्हें लगातार फोन कर रहे हैं।

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खिलाड़ियों के साथ थी फैमिली

विराट कोहली की पत्नी अनुष्का शर्मा की यह फोटो बॉर्डर- गावस्कर ट्रॉफी में पर्थ टेस्ट की है। साथ में जसप्रीत बुमराह की पत्नी संजना हैं।

विराट कोहली की पत्नी अनुष्का शर्मा की यह फोटो बॉर्डर- गावस्कर ट्रॉफी में पर्थ टेस्ट की है। साथ में जसप्रीत बुमराह की पत्नी संजना हैं।

जब RCB के कॉन्क्लेव में इस मसले पर कोहली से सवाल हुआ तो उन्होंने कहा, “अगर आप किसी खिलाड़ी से पूछें कि क्या आप चाहते हैं कि आपका परिवार हर समय आपके आस-पास रहे? तो आप कहेंगे हां।

मैं कमरे में जा कर अकेले बैठकर उदास नहीं रहना चाहता। मैं सामान्य होना चाहता हूं। फिर आप अपने खेल को सही मायने में जिम्मेदारी के रूप में देख सकते हैं। आप उस जिम्मेदारी को पूरा करते हैं और आप जीवन में वापस आते हैं।”

मुश्किल दौर में परिवार के पास आना बेहतर- कोहली

IPL 2025 से पहले RCB इनोवेशन लैब इंडियन स्पोर्ट्स समिट के दौरान कठिन दौरों पर कोहली से परिवार की भूमिका के बारे में जब सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ‘लोगों को यह समझाना बहुत मुश्किल है कि हर बार जब आपके साथ बाहर कुछ बहुत मुश्किल हो रहा होता है, तो अपने परिवार के पास वापस आना कितना अच्छा होता है।’

उन्होंने कहा,

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मुझे नहीं लगता कि लोग ये समझ पाते हैं कि बड़े पैमाने पर इसकी कीमत क्या है। ये बात मुझे काफी निराश करती है कि जिन लोगों का हालात पर कोई काबू नहीं है, उन्हें जबरदस्ती बातचीत में घसीटा जाता है और कहा जाता है कि इन्हें दूर रखा जाना चाहिए।

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कोहली- परिवार के साथ खुशी का दिन

विराट ने कहा, “आपके जीवन में हर समय अलग -अलग परिस्थितियां हो सकती हैं। उससे निकल कर आप सामान्य होते हैं। अपनी जिम्मेदारी पूरी करते हैं और फिर आप अपने घर वापस आते हैं। आप परिवार के साथ होते हैं और आपके घर में बिल्कुल सामान्य हालात होते हैं।

जब मैं परिवार के साथ रहता हूं, निश्चित रूप से मेरे लिए खुशी का दिन होता है। मैं जब भी संभव हो, अपने परिवार के साथ बाहर जाने और समय बिताने का कोई अवसर नहीं छोडूंगा।”

यह फोटो दुबई में चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में टीम इंडिया के जीत के बाद की है। भारतीय टीम की जीत के बाद कोहली अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा से गले मिलते हुए।

यह फोटो दुबई में चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में टीम इंडिया के जीत के बाद की है। भारतीय टीम की जीत के बाद कोहली अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा से गले मिलते हुए।

कोंस्टास एपिसोड पर कोहली ने की बात विराट कोहली ने कहा, ‘मैदान पर मेरी आक्रामकता कम हुई है। लोग फिर भी खुश नहीं हैं। मुझे नहीं पता मुझे क्या करना चाहिए। पहले मेरी आक्रामकता समस्या थी और अब मेरी शांति से समस्या है। मुझे कोई आइडिया नहीं है कि क्या करना चाहिए इसलिए मैं इस पर बहुत ज्यादा फोकस नहीं करता। मैं जैसा हूं, वैसा हूं। मुझे बस मेरी टीम को जिताना है। जब मुश्किल वक्त में विकेट निकालते हैं तो आपको मेरे सेलिब्रेशन में ऐसा दिखाई देता है।

बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में सैम कोंस्टास से विवाद पर कोहली ने कहा, “मेरी प्रतिस्पर्धा की भूख कम नहीं हुई है। आप अपने दिमाग में आक्रामकता को रख सकते हैं, लेकिन हर बार आपको यहां-वहां इसे जाहिर करने की जरूरत नहीं है। पिछले कुछ महीनों में जो कुछ भी घटनाएं हुई हैं, वो अच्छी नहीं थीं। ईमानदारी से कहूं तो मुझे खुद भी उनके बारे में अच्छा महसूस नहीं हुआ।”

बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में मेलबर्न में खेले गए चौथे टेस्ट में मैच का 10वां ओवर खत्म होने के बाद विराट कोहली अपनी फील्डिंग पोजिशन पर जा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने बैटर कोंस्टास को कंधे से धक्के मारा। 19 साल के कोंस्टास को यह बिल्कुल भी पसंद नहीं आया और उन्होंने कोहली से कुछ कहा। अंपायर को बीच में आकर मामला शांत करना पड़ा।

इसके बाद मैच का 11वां ओवर फेंकने के लिए बुमराह आए। कोंस्टास ने बुमराह के ओवर में 2 चौके और एक छक्का जड़ दिया। इस ओवर में 18 रन बने।

बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में मेलबर्न में खेले गए चौथे टेस्ट में विराट कोहली ने ऑस्ट्रेलियाई बैटर सैम कोंस्टास को कंधे से धक्का मारा था।

बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में मेलबर्न में खेले गए चौथे टेस्ट में विराट कोहली ने ऑस्ट्रेलियाई बैटर सैम कोंस्टास को कंधे से धक्का मारा था।

BGT के बाद खिलाड़ियों के लिए नए नियम बनाए

  • ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 3-1 से हार के बाद BCCI ने खिलाड़ियों के लिए नए नियम बनाए। इसके तहत प्लेयर्स पूरे टूर के दौरान परिवार और पत्नियों के साथ सफर नहीं कर सकेंगे। खासतौर पर विदेशी दौरों पर यह नियम ज्यादा काम करेगा, ताकि खिलाड़ियों की परफॉर्मेंस पर असर न पड़े।
  • 45 दिन से ज्यादा के दौरे पर दो हफ्तों के बाद ही उनका परिवार उनके साथ शामिल हो सकते हैं और 14 दिनों से ज्यादा नहीं रह सकते हैं।छोटे दौरों पर, परिवार एक हफ्ते तक खिलाड़ियों के साथ रह सकते हैं।
  • यदि किसी प्लेयर को फैमिली के साथ या अलग से यात्रा करनी है, तो हेड कोच और सिलेक्शन कमेटी के चेयरमैन से अनुमति लेनी होगी।

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