संसद में हंगामा: पीएम मोदी पर लोकसभा में हमले की साजिश का दावा, सूत्रों के हवाले से कांग्रेस पर आरोप

05 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

National Desk:  संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में जारी गतिरोध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के बिना ही राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित कर दिया गया। यह स्थिति करीब 22 वर्षों बाद बनी है। इस बीच न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि कांग्रेस ने लोकसभा के भीतर प्रधानमंत्री मोदी पर शारीरिक हमले की साजिश रची थी, जिसके चलते उनका संबोधन टालने का फैसला किया गया।

सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी संसद में मौजूद थे और भाषण देने के लिए पूरी तरह तैयार थे, लेकिन खुफिया इनपुट के आधार पर यह जानकारी मिली कि विपक्षी खेमे ने योजनाबद्ध तरीके से कुछ महिला सांसदों को आगे कर स्थिति को उग्र बनाने की तैयारी की थी। हालात को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही स्थगित करने का निर्णय लिया।

इससे पहले भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने भी इसी तरह के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि विपक्ष का विरोध पूरी तरह पूर्व-नियोजित था और कुछ महिला सांसद प्रधानमंत्री की सीट के आसपास पहुंच गई थीं, जिससे सदन का माहौल डराने वाला हो गया। उनके अनुसार, संसदीय कार्य मंत्री की तत्परता से स्थिति को संभाला गया।

गुरुवार को विपक्ष की लगातार नारेबाजी के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कराया। प्रधानमंत्री के जवाब के बिना यह प्रस्ताव पारित होना एक असामान्य स्थिति मानी जा रही है।

इस तरह 2004 के बाद पहली बार लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव प्रधानमंत्री के संबोधन के बिना पारित हुआ है। तब मनमोहन सिंह सरकार के दौरान भी इसी तरह का घटनाक्रम देखने को मिला था।