UPI ने बनाया नया रिकॉर्ड: FY 2025-26 में दिसंबर तक ₹230 लाख करोड़ का लेनदेन, वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ी ताकत

03 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Business Desk:  यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने एक बार फिर डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा में बताया कि चालू वित्त वर्ष 2025-26 में दिसंबर तक यूपीआई के जरिए कुल ₹230 लाख करोड़ के घरेलू लेनदेन दर्ज किए गए हैं। यह आंकड़ा भारत में डिजिटल भुगतान के बढ़ते भरोसे और उपयोग को दर्शाता है।

प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों का जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि यूपीआई लेनदेन का मूल्य लगातार तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2022-23 में जहां यूपीआई लेनदेन का कुल मूल्य ₹139 लाख करोड़ था, वहीं 2025-26 में दिसंबर तक यह बढ़कर ₹230 लाख करोड़ तक पहुंच गया है।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि यूपीआई का दायरा अब सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहा। मुद्रा रूपांतरण और स्थानीय नियमों के पालन के साथ यूपीआई आठ देशों में सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है।

संसद में लिखित उत्तर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि वर्तमान में यूपीआई भूटान, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, कतर, सिंगापुर, श्रीलंका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) मिलकर यूपीआई के अंतरराष्ट्रीय विस्तार को गति देने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

इन पहलों के तहत साझेदार देशों की फास्ट पेमेंट प्रणालियों के साथ यूपीआई की लिंकिंग की जा रही है, जिससे सीमा-पार व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) रेमिटेंस को आसान बनाया जा सके। इसके साथ ही यात्रा आधारित कॉरिडोर के जरिए व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M) भुगतान को भी सक्षम करने पर काम हो रहा है।

गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की जून 2025 की रिपोर्ट ‘ग्रोइंग रिटेल डिजिटल पेमेंट्स (द वैल्यू ऑफ इंटरऑपरेबिलिटी)’ में यूपीआई को लेनदेन संख्या के लिहाज से दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल फास्ट-पेमेंट प्रणाली बताया गया है। वहीं एसीआई वर्ल्डवाइड की 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक रियल-टाइम रिटेल पेमेंट्स के कुल लेनदेन में यूपीआई की हिस्सेदारी करीब 49% है।