12 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: उत्तर प्रदेश सरकार ने बजट 2026-27 को केवल एक वित्तीय दस्तावेज़ नहीं, बल्कि ‘इमर्जिंग यूपी’ यानी उभरते उत्तर प्रदेश के विज़न डॉक्यूमेंट के रूप में पेश किया है। 9.12 लाख करोड़ रुपये के इस बजट में लोक-लुभावनी घोषणाओं से दूरी बनाते हुए अवस्थापना विकास, उभरती तकनीक, निवेश विस्तार और रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पेश यह दसवां बजट आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सरकार की दीर्घकालिक रणनीति को दर्शाता है। ‘सुरक्षित नारी, सक्षम युवा, खुशहाल किसान, हर हाथ को काम और तकनीकी निवेश से समृद्ध उत्तर प्रदेश’ की थीम के साथ सरकार ने ‘इमर्जिंग यूपी’ को भाजपा की चुनावी हैट-ट्रिक की नींव बनाने की कोशिश की है।
लोक-लुभावन घोषणाओं से परहेज, निवेश पर फोकस
जहां आमतौर पर चुनावी वर्ष से पहले बजट में बड़ी घोषणाओं की उम्मीद की जाती है, वहीं योगी सरकार ने इस बार ऐसी किसी नीति से दूरी बनाए रखी। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले किए गए कुछ प्रमुख वादे—जैसे वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन बढ़ाना या 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को मुफ्त सार्वजनिक परिवहन—इस बजट में शामिल नहीं किए गए।
सरकार के सूत्रों के अनुसार, इन वादों को मानसून या शीतकालीन सत्र में अनुपूरक बजट के माध्यम से पूरा किया जा सकता है, ताकि चुनाव से ठीक पहले उनका राजनीतिक लाभ लिया जा सके।
‘इमर्जिंग टेक्नोलॉजी’ से युवाओं पर दांव
बजट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन, स्टेट डाटा अथॉरिटी, स्किल डेवलपमेंट हब, डिजिटल एंटरप्रेन्योरशिप और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने पर खास जोर दिया गया है। इससे साफ है कि सरकार ने युवा मतदाताओं को केंद्र में रखकर तकनीकी निवेश को अपनी प्राथमिकता बनाया है।
किसान और महिलाओं को साधने की रणनीति
किसानों को केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि उद्यमी बनाने के लक्ष्य के साथ कई योजनाओं में सब्सिडी राशि बढ़ाई गई है। यह कदम आगामी पंचायत चुनावों को ध्यान में रखकर ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार की पकड़ मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
वहीं ग्रामीण और शहरी महिलाओं के लिए सुविधाएं बढ़ाकर सरकार ने महिला वोट बैंक को साधे रखने का संदेश भी दिया है।
कानून व्यवस्था को विकास की गारंटी बताया
बजट के जरिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर ‘रूल ऑफ लॉ’ को वास्तविक विकास की बुनियाद बताया। पूर्ववर्ती सपा-बसपा सरकारों पर परोक्ष हमला करते हुए उन्होंने यह संकेत दिया कि नेतृत्व बदलते ही वही सिस्टम बेहतर परिणाम देने लगा।
योगी का दावा है कि उत्तर प्रदेश अब ‘बाटलनेक स्टेट’ से निकलकर आत्मनिर्भर और विकसित प्रदेश बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
योगी सरकार के पिछले बजट की थीम
2017-18: अन्नदाता किसानों को समर्पित
2018-19: इन्फ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास
2019-20: महिला सशक्तीकरण
2020-21: युवा और रोजगार सृजन
2021-22: स्वावलंबन से सशक्तीकरण
2022-23: अंत्योदय से आत्मनिर्भरता
2023-24: त्वरित समावेशी विकास
2024-25: रामराज्य और पर्यटन
2025-26: वंचित को वरीयता













