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भारत-अमेरिका ट्रेड डील आज हो सकती है फाइनल, 130 अरब डॉलर से ज्यादा के व्यापार पर पड़ेगा सीधा असर

13 January 2026 Fact Recorder

Business Desk:  भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही टैरिफ वार्ता अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है। 13 जनवरी 2026 को दोनों देशों के प्रतिनिधि मंडलों के बीच अहम बैठक प्रस्तावित है, जिसके बाद ट्रेड डील के जल्द फाइनल होने की उम्मीद जताई जा रही है। अगर यह समझौता होता है, तो इसका असर सीधे अरबों डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार पर पड़ेगा।

बैठक से पहले बढ़े सकारात्मक संकेत

बातचीत से ठीक एक दिन पहले अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर कई सकारात्मक बयान दिए थे। इसके बाद से ही यह संकेत मिलने लगे हैं कि दोनों देश टैरिफ विवाद को सुलझाने के करीब पहुंच चुके हैं।

टैरिफ विवाद की पृष्ठभूमि

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में आने के बाद टैरिफ नीति को लेकर सख्ती बढ़ी। ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के तहत कई देशों पर ऊंचे टैरिफ लगाए गए, जिसमें भारत भी शामिल रहा।
भारत से आने वाले कई उत्पादों पर टैरिफ बढ़ते-बढ़ते 50 प्रतिशत तक पहुंच गया, जिससे दोनों देशों के व्यापार पर असर पड़ा। अब माना जा रहा है कि इस डील के जरिए इस तनाव को कम किया जा सकता है।

भारत-अमेरिका के बीच कितना है व्यापार?

भारत और अमेरिका के व्यापारिक रिश्ते लगातार मजबूत होते रहे हैं।
वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) में:

  • भारत का अमेरिका को निर्यात: करीब 86.5 अरब डॉलर

  • अमेरिका से भारत का आयात: लगभग 45.3 अरब डॉलर

  • भारत को मिला व्यापार अधिशेष: 41 अरब डॉलर से ज्यादा

यानी कुल मिलाकर 130 अरब डॉलर से अधिक का द्विपक्षीय व्यापार इस डील से सीधे प्रभावित हो सकता है।

किन सेक्टरों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?

भारत से अमेरिका को मुख्य रूप से:

  • इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल सामान

  • फार्मास्यूटिकल्स

  • इंजीनियरिंग गुड्स

  • जेम्स एंड ज्वैलरी

  • पेट्रोलियम उत्पाद

वहीं अमेरिका से भारत आयात करता है:

  • कच्चा तेल और LNG

  • विमान और मशीनरी

  • इलेक्ट्रॉनिक उपकरण

  • पूंजीगत सामान

FY26 की शुरुआत में भी मजबूत ट्रेड

वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से जुलाई 2025 के बीच:

  • भारत का अमेरिका को निर्यात: 33.5 अरब डॉलर से ज्यादा

  • अमेरिका से आयात: करीब 17.4 अरब डॉलर

डील न हुई तो दोनों को नुकसान

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ट्रेड डील पर सहमति नहीं बनती, तो नुकसान दोनों देशों को होगा।

  • भारत को निर्यातक के तौर पर झटका लगेगा

  • वहीं ऊंचे टैरिफ का बोझ अंततः अमेरिकी उपभोक्ताओं पर पड़ेगा

ऐसे में आज की बैठक को भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।