11 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: जनकपुरी में गड्ढे में गिरकर एक बाइक सवार की मौत के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) ने कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने साफ कर दिया है कि अब सड़क हादसों को सिस्टम की विफलता बताकर नहीं टाला जाएगा। सड़क पर खुदाई, खुले गड्ढे या सुरक्षा मानकों की अनदेखी से यदि किसी की जान जाती है तो सीधे तौर पर संबंधित इंजीनियर और फील्ड अफसर जिम्मेदार माने जाएंगे।
PWD के ताजा आदेश के मुताबिक, सभी चल रहे और प्रस्तावित निर्माण कार्यों में दिन-रात बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत, रिफ्लेक्टिव बोर्ड और ब्लिंकर लगाना अनिवार्य होगा। किसी भी स्थिति में सड़क का कोई हिस्सा बिना सुरक्षा व्यवस्था के खुला नहीं छोड़ा जा सकेगा। लापरवाही पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई तय मानी जाएगी।
विभाग ने रात के समय विशेष निरीक्षण के निर्देश भी दिए हैं। तीखे मोड़, चौराहे, बस स्टॉप, फ्लाईओवर, अंडरपास और हादसा संभावित इलाकों की नियमित जांच की जाएगी। स्ट्रीट लाइट में खराबी, झिलमिलाहट या कम रोशनी को भी गंभीर चूक माना जाएगा और तुरंत मरम्मत या अस्थायी प्रकाश व्यवस्था करनी होगी।
इसके अलावा नालों और ड्रेन के खुले या टूटे ढक्कनों को तत्काल बदलने या सुरक्षित करने के आदेश दिए गए हैं। पुल-पुलिया, रोड ओवर ब्रिज और अंडरपास पर लगे क्रैश बैरियर व रेलिंग की स्थिति की भी प्राथमिकता पर जांच कर दुरुस्ती की जाएगी।
PWD ने चेतावनी दी है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी से न केवल लोगों की जान खतरे में पड़ती है, बल्कि इससे कानूनी कार्रवाई का रास्ता भी खुलता है। भविष्य में किसी भी हादसे या असुरक्षित स्थिति पर जिम्मेदारी तय की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।











