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भास्कर न्यूज | लुधियाना लुधियाना के बहादुरके रोड स्थित सब्जी मंडी एक बार फिर विवादों में घिरी हुई है। मंडी में गंदगी, प्रधानगी को लेकर शक्ति प्रदर्शन और हर साल ठेकेदार द्वारा ओवर चार्जिंग की समस्या रहती है। सोमवार को मंडी बोर्ड द्वारा एलआरवाई कंपनी क
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वहीं, आढ़तियों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार ने 50 वर्ग फुट के लिए 200-300 रुपए वसूले, जबकि यह शुल्क 100 रुपए होना चाहिए था।इसके अलावा 3 पहिया वाहन चालकों से 60 रुपए मल्टीपल पर्ची के रूप में लिए गए, जबकि इसके लिए मार्केट कमेटी की मंजूरी जरूरी है, जो ठेकेदार ने नहीं ली। जब मंडी का ठेका हस्तांतरित किया गया था, तो मार्केट कमेटी से सुपरवाइजर को मौके पर होना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके कारण ठेकेदार ने मनमानी शुरू कर दी।
आढ़तियों ने जब ठेकेदार से पुराने ठेकेदार के मुकाबले किए गए शुल्क के बारे में सवाल किए, तो एक लंबी बहस छिड़ गई। इसके बाद आढ़ती भाईचारा एकत्रित हुआ और नारेबाजी करते हुए मार्केट कमेटी गया। वहां उन्होंने सुपरवाइजर को सारी जानकारी दी और ठेकेदार के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। आढ़तियों का यह भी आरोप है कि मार्केट कमेटी की ठेकेदार के साथ मिलीभगत है। ^अभी तक चेयरमैन पद का चार्ज नहीं लिया है। इसलिए इस संबंध में अभी कुछ नहीं कह सकता। आप सरकार द्वारा पंजाब में चेयरमैनों को नियुक्त किया था, परंतु कइयों को अभी तक पत्र जारी कर पदभार संभालने के लिए नहीं कहा गया है।
गुरजीत सिंह गिल , चेयरमैन, मार्केट कमेटी ^पुराना ठेकेदार नीरज जोशी व विशाल खोंसला द्वारा एक आढ़ती को लेकर जानबूझ कर परेशान किया जा रहा और गलत आरोप लगाए जा रहे है। इस रेट पर पहले ठेकेदार द्वारा फड़ी चालकों से पैसे लिए जाते थे। उसी रेट पर फड़ी व वाहन चालकों से रुपए लिए जा रहे हैं। के राजू , प्रमुख एलआरवाई कंपनी ^सब्जी मंडी में ओवर चार्जिंग किसी भी कीमत में नहीं होनी चाहिए। जो दरे निर्धारित हैं उसके अनुसार ही रुपए लेने होंगे। बहादुरके रोड सब्जी मंडी का मामला संज्ञान में आया है। इस संबंध में डीएमओ को निर्देश जारी कर दिए हैं। अगर वह ओवर चार्जिंग करता पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी। रोहित गुप्ता , एडीसी जनरल सब्जी मंडी में हुए हंगामे के बाद मार्केट कमेटी के सचिव और जिला मंडी अफसर (डीएमओ) अपनी जिम्मेदारी से भागते नजर आए। जब आढ़तियों ने घटना की जानकारी दी और डीएमओ को फोन किया, तो किसी ने भी कॉल का जवाब नहीं दिया। न तो मंडी में कोई अफसर पहुंचे, न ही कोई मुलाजिम भेजा गया।
इस लापरवाही को देखकर आढ़तियों ने डीएमओ और सचिव पर आरोप लगाया कि ठेकेदार ओवर चार्जिंग की कार्रवाई इन अधिकारियों की शह पर कर रहा है। यह पूरा मामला समाज और प्रशासन के बीच खींचतान को दर्शाता है, जहां ओवर चार्जिंग की समस्या से लेकर प्रशासनिक लापरवाही तक कई मुद्दे उठाए गए हैं। आढ़तियों ने कहा कि इस तरह की मनमानी से व्यापार प्रभावित हो रहा है और मंडी में काम करने वाले श्रमिकों के लिए यह एक बडी चुनौती बन गई है।











