27 July 2026 Fact Recorder
National Desk: जंतर-मंतर पर हुए CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) आंदोलन की चर्चा अब भारत की सीमाओं से बाहर भी पहुंच गई है। सोशल मीडिया पर नेपाल, श्रीलंका और पाकिस्तान सहित कई देशों के युवाओं और कंटेंट क्रिएटर्स ने भारतीय युवाओं के आंदोलन के तरीके, एकजुटता और मुद्दों को उठाने की शैली पर प्रतिक्रिया दी है। कई पोस्ट और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें भारतीय जेन-जी की सक्रियता पर टिप्पणी की गई है।
नेपाल के कंटेंट क्रिएटर ने दिया संदेश
नेपाल के कंटेंट क्रिएटर अविनाश मिश्रा ने एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि युवाओं को अपनी भावनाओं और मुद्दों को लेकर आवाज उठाने से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपने उद्देश्य को याद रखते हुए शांतिपूर्ण और जिम्मेदार तरीके से अपनी बात रखना महत्वपूर्ण है।
श्रीलंका में भी हुई चर्चा
श्रीलंका के कार्टूनिस्ट अवंथा आर्टिगाला ने आंदोलन से जुड़े घटनाक्रम पर एक व्यंग्यात्मक कैरिकेचर साझा किया। वहीं, सोशल मीडिया पर मुंबई की एक प्रदर्शनकारी की तस्वीर भी काफी चर्चा में रही, जिसकी कई यूजर्स ने ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरों से तुलना की।
पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाएं
पाकिस्तान के कई सोशल मीडिया यूजर्स और कंटेंट क्रिएटर्स ने भी आंदोलन पर अपनी राय व्यक्त की। कुछ ने भारतीय युवाओं की एकजुटता और संगठन क्षमता की सराहना की, जबकि कुछ पोस्ट में व्यंग्यात्मक टिप्पणियां भी देखने को मिलीं। एक कंटेंट क्रिएटर ने पाकिस्तान से फंडिंग के आरोपों पर तंज कसते हुए कहा कि ऐसे दावों का कोई आधार नहीं है।
सोशल मीडिया पर कुछ पाकिस्तानी यूजर्स ने लिखा कि युवाओं को अपने मुद्दों पर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठानी चाहिए। वहीं, कुछ ने भारतीय जेन-जी की एकजुटता को सीखने योग्य बताया।
उद्धव सेना और मनसे ने मनाया जश्न
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मुंबई के शिवाजी पार्क में शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की ओर से एक रैली आयोजित की गई, जिसमें आंदोलन के घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी देखने को मिली।
सोशल मीडिया और जेन-जी पर सर्वे
एक ऑनलाइन सर्वे के अनुसार, बड़ी संख्या में युवाओं ने माना कि सोशल मीडिया पर लगातार राजनीतिक कंटेंट देखने से मानसिक दबाव बढ़ता है। सर्वे में शामिल 65 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि राजनीतिक पोस्ट और वीडियो उन्हें मानसिक रूप से प्रभावित करते हैं, जबकि 63 प्रतिशत युवाओं ने माना कि राजनीति से जुड़े मतभेदों का असर उनके व्यक्तिगत रिश्तों पर भी पड़ता है।
नोट: इस खबर में विभिन्न देशों के सोशल मीडिया यूजर्स और कंटेंट क्रिएटर्स की सार्वजनिक प्रतिक्रियाओं का उल्लेख है। इन बयानों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है और इन्हें संबंधित व्यक्तियों की व्यक्तिगत राय के रूप में देखा जाना चाहिए।













