Mumbai 13 Aug 2026 Fact Recorder
National Desk : सनी देओल की बहुप्रतीक्षित पीरियड ड्रामा फिल्म ‘बटवारा 1947’ 14 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। रिलीज से एक दिन पहले फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई, जिसके बाद फिल्ममेकर रमेश तौरानी ने सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर अपनी प्रतिक्रिया साझा की।
रमेश तौरानी ने फिल्म को 1947 के बंटवारे जैसे बेहद कठिन दौर के बीच इंसानियत, करुणा और मानवीय जज्बे की ताकत दिखाने वाली कहानी बताया। उन्होंने दर्शकों से फिल्म को ‘फर्स्ट डे, फर्स्ट शो’ देखने की अपील भी की।
सनी देओल के अभिनय की खास तारीफ
फिल्म की स्क्रीनिंग के बाद सनी देओल की एक्टिंग की खास तौर पर तारीफ की गई। इसके अलावा शबाना आजमी, अली फजल और करण देओल के अभिनय को भी सराहा गया। अभिमन्यु सिंह के विलेन वाले किरदार को प्रभावशाली और डर पैदा करने वाला बताया गया है, जो कहानी में तनाव को और बढ़ाता है।
राजकुमार संतोषी का निर्देशन भी आया पसंद
निर्देशक राजकुमार संतोषी ने फिल्म की कहानी को मानवीय भावनाओं और रिश्तों के इर्द-गिर्द बुना है। फिल्म का फोकस इस बात पर है कि मुश्किल और हिंसक हालात के बीच भी इंसानियत को कैसे जिंदा रखा जा सकता है।
क्या है ‘बटवारा 1947’ की कहानी?
राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी यह फिल्म 1947 के भारत-पाकिस्तान विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म में सनी देओल एक मुस्लिम व्यक्ति की भूमिका निभा रहे हैं, जो बंटवारे के दौरान लाहौर पहुंचता है। जिस घर में वह रहने जाता है, वहां पहले से एक बुजुर्ग हिंदू महिला रह रही होती है, जिसका किरदार शबाना आजमी निभा रही हैं।
बढ़ते धार्मिक तनाव और हिंसा के बीच सनी देओल का किरदार उस महिला की सुरक्षा के साथ-साथ अपने परिवार को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी उठाता है। फिल्म के जरिए इंसानियत और मानवीय रिश्तों को प्रमुखता दी गई है।
‘बटवारा 1947’ से प्रीति जिंटा भी करीब एक दशक बाद बड़े पर्दे पर वापसी कर रही हैं। वहीं, सनी देओल और उनके बेटे करण देओल पहली बार किसी फिल्म में साथ नजर आएंगे, जहां करण उनके रील लाइफ बेटे की भूमिका निभा रहे हैं।













