November 3,2026 Fact Recorder
Business Desk: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को कारोबार की शुरुआत तेजी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 500 अंकों से अधिक उछल गया, जबकि निफ्टी 50 ने 23,550 के स्तर को पार कर लिया। बाजार में चौतरफा खरीदारी के बीच कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली। विदेशी निवेशकों की खरीदारी और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया।
सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार उछाल
कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 445.10 अंक यानी 0.59 फीसदी की बढ़त के साथ 76,137.88 पर खुला। वहीं, एनएसई निफ्टी 104.45 अंक यानी 0.45 फीसदी चढ़कर 23,545.25 के स्तर पर खुला।
बाजार खुलने के कुछ ही मिनटों में खरीदारी तेज हो गई और सेंसेक्स 500 अंकों से अधिक की बढ़त पर पहुंच गया। दूसरी ओर, निफ्टी ने भी 23,550 के अहम स्तर को पार कर लिया। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, 1,601 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 753 शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं, 166 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
इंडिगो और इंफोसिस के शेयरों में तेजी
शुरुआती कारोबार में इंडिगो यानी इंटरग्लोब एविएशन और इंफोसिस के शेयरों में 2 फीसदी तक की बढ़त देखने को मिली। इसके अलावा निफ्टी के प्रमुख गेनर्स में श्रीराम फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस और एशियन पेंट्स के शेयर शामिल रहे।
हालांकि, बाजार में तेजी के बावजूद कुछ कंपनियों के शेयरों पर दबाव देखने को मिला। एनटीपीसी, सिप्ला, रिलायंस इंडस्ट्रीज, कोल इंडिया और जेएसडब्ल्यू स्टील के शेयर शुरुआती कारोबार में गिरावट के साथ रहे।
विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बाजार को सहारा
भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की खरीदारी को तेजी की एक प्रमुख वजह माना जा रहा है। खबर में दिए गए एनएसई के अनंतिम आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को विदेशी निवेशकों ने शुद्ध रूप से 31,150 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने इसी दौरान शुद्ध रूप से 3,920 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बाजार को समर्थन मिला, हालांकि आगे की दिशा वैश्विक संकेतों और निवेशकों की गतिविधियों पर भी निर्भर करेगी।
कच्चे तेल की कीमतों पर निवेशकों की नजर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच ब्रेंट क्रूड पिछले कारोबारी सत्र में करीब 7 फीसदी की गिरावट के बाद 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर रहा।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित कूटनीतिक बातचीत से जुड़ी खबरों पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारत के लिए राहत दे सकती है, क्योंकि देश अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। हालांकि, भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण कीमतों में दोबारा उतार-चढ़ाव का जोखिम बना हुआ है।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?
शुरुआती तेजी से निवेशकों का उत्साह बढ़ा है, लेकिन बाजार की आगे की दिशा कई कारकों पर निर्भर करेगी। विदेशी निवेशकों की खरीदारी, कच्चे तेल की कीमतें, वैश्विक बाजारों के संकेत और प्रमुख कंपनियों के शेयरों में होने वाली गतिविधियां महत्वपूर्ण रहेंगी।
ध्यान दें: खबर में दिए गए आंकड़े शुरुआती कारोबार और रिपोर्ट में उल्लिखित अनंतिम निवेश आंकड़ों पर आधारित हैं। इन्हें पूरे कारोबारी सत्र के अंतिम आंकड़े नहीं माना जाना चाहिए। शेयर बाजार में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्यों और जोखिम क्षमता का आकलन करें।













