Home Chandigarh पटियाला में कर्नल से मारपीट मामले में SIT गठित चंडीगढ़ पुलिस ने...

पटियाला में कर्नल से मारपीट मामले में SIT गठित चंडीगढ़ पुलिस ने एसपी मनजीत को बनाया हेड, चार महीने में जांच पूरी होगीl

9/April/2025 Fact Recorder 

कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाठ मामले में एसआईटी गठित।

पटियाला में सेना के कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाठ से पंजाब पुलिस के अधिकारियों द्वारा मारपीट करने के मामले में, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर चंडीगढ़ पुलिस ने एसआईटी गठित की है। 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी मंजीत श्योराण को एसआईटी का प्रमुख (हेड) बना

एसआईटी में तीन अन्य सदस्य शामिल किए गए हैं। इन सदस्यों में एक डीएसपी, एक इंस्पेक्टर और एक सब-इंस्पेक्टर शामिल रहेंग। यह जांच करीब चार महीने में पूरी की जाएगी। इस मामले में कर्नल के परिवार ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। साथ ही इस मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की थी। परिवार का कहना था कि उन्हें पंजाब पुलिस की जांच पर विश्वास नहीं है। कर्नल से मारपीट का मामला ऐसे आया था सामने पटियाला में 13-14 मार्च की रात को आर्मी कर्नल से मारपीट की गई। तब पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इसके बाद मामला रक्षा मंत्रालय और आर्मी हेडक्वार्टर पहुंचा तो पुलिस ने 9 दिन बाद बाई नेम FIR दर्ज कर 12 पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया। इसमें 5 इंस्पेक्टर भी शामिल हैं। इस घटना को 21 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पंजाब पुलिस अपने ही आरोपी कर्मचारियों को बचाने में लगी है।चंडीगढ़ पुलिस के एसपी मनजीत सिंह को एसआईटी हेड बनाया गया है।

कर्नल और बेटे को राजिंदरा अस्पताल में करवाया भर्ती

कर्नल बाठ ने बताया था कि जब वे गाड़ी स्टार्ट कर जाने लगे तो उन लोगों ने डंडे और सरिए मारकर गाड़ी तोड़नी शुरू कर दी। इसी बीच बेटे के दोस्त ने कर्नल की पत्नी को फोन पर पूरी बातचीत बताई। इसके बाद कर्नल और उनके बेटे को पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां कर्नल के बाएं हाथ में फ्रैक्चर निकला।

विधानसभा में उठा मुद्दा

कर्नल बाठ से पंजाब पुलिस के मुलाजिमों की तरफ से की गई गुंडागर्दी का मुद्दा बजट सेशन के दौरान पंजाब विधानसभा में उठा। विरोधियों ने पंजाब की AAP सरकार को विधानसभा में घेरा और बताया कि किस तरह से पंजाब में लॉ एंड ऑर्डर तार-तार हो रहा है।

सेना के पूर्व अफसरों ने पटियाला में धरना दिया। पटियाला के बीजेपी नेताओं ने SSP नानक सिंह से मिलकर मामले में उचित कार्रवाई की मांग की। जैसे ही मामला विधानसभा में उठा तो नई एफआईआर दर्ज कर एसआईटी बनाई थी। साथ ही परिरवार को सुरक्षा दी गई थी।