भगवान महर्षि वाल्मीकि महाराज द्वारा रचित श्री रामायण से मिलता है मनुष्य को बड़ा संदेश – हरजोत बैंस

महर्षि भगवान वाल्मीकि सभा पिंड जिऊवाल कीरतपुर साहिब द्वारा पूरे इलाके की संगत के सहयोग से बीते दिन भगवान महर्षि वाल्मीकि जी का प्रकाश उत्सव बड़े

पिंड जिऊवाल कीरतपुर साहिब में भगवान महर्षि वाल्मीकि जी का प्रकाश उत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया।

कीरतपुर साहिब, 08 अक्टूबर 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

Punjab Desk:  महर्षि भगवान वाल्मीकि सभा पिंड जिऊवाल कीरतपुर साहिब द्वारा पूरे इलाके की संगत के सहयोग से बीते दिन भगवान महर्षि वाल्मीकि जी का प्रकाश उत्सव बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। सबसे पहले पिंड जिऊवाल के भगवान महर्षि वाल्मीकि महाराज जी के मंदिर में श्री रामायण जी का पाठ किया गया। सुबह 10 बजे हवन, पाठ और पूजा संपन्न की गई, इसके बाद आयोजकों द्वारा झंडा चढ़ाने की रस्म अदा की गई।

इसके बाद धार्मिक समारोह और भंडारा का आयोजन हुआ। इस अवसर पर विशेष रूप से पहुंचे हलक़ा विधायक और शिक्षा मंत्री पंजाब हरजोत सिंह बैंस ने मंदिर में माथा टेका और संगतों के साथ धार्मिक विचार साझा किए। उन्होंने सभी को भगवान महर्षि वाल्मीकि जी के प्रकाश उत्सव की बधाई दी और कहा कि भगवान महर्षि वाल्मीकि जी एक महान व्यक्तित्व थे, जिनके द्वारा श्री रामायण जी की रचना की गई। उन्होंने कहा कि रामायण से हमें भगवान श्री रामचंद्र जी के जीवन से आदर्शवाद अपनाने, लक्ष्मण से बड़े भाई का सम्मान करने, और माता सीता जी से पति के प्रति आदर भाव सीखने की प्रेरणा मिलती है।

हरजोत सिंह बैंस ने यह भी बताया कि महर्षि वाल्मीकि जी ने भगवान श्री रामचंद्र जी और माता सीता जी के पुत्र लक्ष्मण-कुश को विभिन्न ग्रंथों, संस्कृतियों और शास्त्रों का ज्ञान दिया, जिसकी वजह से वे बड़े योद्धाओं को हरा सकते थे। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी का जीवन मनुष्य के लिए बड़ा संदेश देता है। इस अवसर पर महर्षि वाल्मीकि सभा पिंड जिऊवाल के प्रबंधकों द्वारा शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस का विशेष सम्मान भी किया गया।

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने धर्मशाला के विकास में मदद का भरोसा भी दिया। समारोह के दौरान भजन मंडली और विभिन्न गायक महर्षि वाल्मीकि महाराज की महिमा का गुणगान कर रहे थे।

इस अवसर पर मौजूद थे – दलीप हंस (सदस्य, दलित विकास बोर्ड), रमेश कुमार (प्रधान, वाल्मीकि सभा जिऊवाल), सुनील अडवाल (प्रधान), मनजीत सिंह, रमेश अटवाल, बलवीर कुमार, गफूर मुहम्मद (ब्लॉक प्रधान), कुलवंत सिंह (ब्लॉक प्रधान), जोगिंदर सिंह (काउंसलर), कश्मीरा सिंह, गुरमीत सिंह टीना, गगन भारज, प्रकाश कौर, जसविंदर सिंह विक्की, युनिश खान, हरप्रताप सिंह सहित भारी संख्या में इलाके की संगत मौजूद थी।