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QS Asia Ranking 2027: IIT दिल्ली भारत में नंबर-1, एशिया में 66वीं रैंक; 71% भारतीय संस्थानों की रैंकिंग गिरी

November 4,2026 Fact Recorder

Education Desk:  एशिया की यूनिवर्सिटी रैंकिंग जारी हो गई है। इसमें भारत के 325 विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों ने जगह बनाई है, जो चीन के बाद सबसे अधिक है। भारतीय संस्थानों में IIT दिल्ली शीर्ष पर है, जबकि IISc बेंगलुरु दूसरे स्थान पर है। हालांकि, पिछले साल की तुलना में करीब 71 प्रतिशत भारतीय संस्थानों की रैंकिंग में गिरावट दर्ज की गई है।

नई दिल्ली। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भारतीय संस्थानों के लिए QS एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 के नतीजे सामने आ गए हैं। क्वाक्वेरेली साइमंड्स (QS) की ओर से जारी इस रैंकिंग में कुल 1,722 विश्वविद्यालयों को शामिल किया गया है। इनमें 195 संस्थान पहली बार रैंकिंग का हिस्सा बने हैं।

भारत के कुल 325 विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों ने इस सूची में जगह बनाई है। संख्या के लिहाज से भारत चीन के बाद दूसरे स्थान पर है। वहीं, एशिया के शीर्ष 200 संस्थानों में भारत के 21 विश्वविद्यालय शामिल हैं, जो पिछले साल के मुकाबले एक अधिक हैं।

IIT दिल्ली भारत में शीर्ष पर, एशिया में 66वीं रैंक

QS एशिया रैंकिंग 2027 में IIT दिल्ली को भारतीय संस्थानों में सबसे बेहतर स्थान मिला है। हालांकि, इसकी एशियाई रैंक पिछले साल के 59वें स्थान से गिरकर 66वें स्थान पर पहुंच गई है।

IISc बेंगलुरु 79वीं रैंक के साथ दूसरे स्थान पर है। IIT बॉम्बे को 83वीं और IIT मद्रास को 85वीं रैंक मिली है। प्रमुख भारतीय तकनीकी संस्थानों की रैंकिंग में गिरावट के बावजूद ये संस्थान एशिया के शीर्ष विश्वविद्यालयों में शामिल हैं।

एशिया के टॉप 200 में भारत के 21 संस्थान

QS एशिया रैंकिंग 2027 में भारत के शीर्ष 200 में शामिल विश्वविद्यालयों और संस्थानों की सूची इस प्रकार है:

संस्थान का नामएशियाई रैंक
IIT दिल्ली66
IISc बेंगलुरु79
IIT बॉम्बे83
IIT मद्रास85
IIT खड़गपुर90
IIT कानपुर97
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी104
दिल्ली यूनिवर्सिटी106
IIT गुवाहाटी120
IIT रुड़की124
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी128
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी154
VIT वेल्लोर156
BITS पिलानी161
ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी165
सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी175
शूलिनी यूनिवर्सिटी177
एमिटी यूनिवर्सिटी181
जामिया मिलिया इस्लामिया183
UPES183
मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन195

71% भारतीय संस्थानों की रैंकिंग में गिरावट

रैंकिंग में भारतीय संस्थानों की संख्या बढ़ना एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन उनकी रैंकिंग में गिरावट चिंता का विषय बनी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में लगभग 71 प्रतिशत भारतीय संस्थानों की रैंक नीचे आई है।

वहीं, करीब 18 प्रतिशत संस्थानों की रैंकिंग में सुधार हुआ है, जबकि 11 प्रतिशत संस्थानों की रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं हुआ।

प्रमुख संस्थानों की पिछली और मौजूदा रैंकिंग पर नजर डालें तो IIT दिल्ली 59वें से 66वें, IISc बेंगलुरु 64वें से 79वें, IIT बॉम्बे 71वें से 83वें और IIT मद्रास 70वें से 85वें स्थान पर आ गया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी की रैंकिंग भी 95वें से गिरकर 106वें स्थान पर पहुंच गई है।

महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी की रैंकिंग में सबसे बड़ी गिरावट

रिपोर्ट के अनुसार, महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी, कोट्टायम की रैंकिंग में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। विश्वविद्यालय पिछले साल 495वें स्थान पर था, जबकि इस बार इसे 697वीं रैंक मिली है। यानी इसकी रैंकिंग में 202 स्थानों की गिरावट आई है।

ये आंकड़े बताते हैं कि भारतीय विश्वविद्यालयों की वैश्विक और क्षेत्रीय मौजूदगी बढ़ने के बावजूद कई संस्थानों को अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध कार्य और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के क्षेत्र में सुधार करने की जरूरत है।

भारतीय उच्च शिक्षा के लिए क्या हैं मायने?

QS एशिया रैंकिंग विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक प्रतिष्ठा, शोध, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और अन्य प्रदर्शन संकेतकों के आधार पर तैयार की जाती है। ऐसे में रैंकिंग में भारतीय संस्थानों की बड़ी संख्या देश के उच्च शिक्षा क्षेत्र की व्यापकता को दर्शाती है।

हालांकि, शीर्ष संस्थानों की रैंकिंग में गिरावट यह सवाल भी उठाती है कि भारतीय विश्वविद्यालयों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए किन क्षेत्रों में सुधार करना चाहिए।

आने वाले वर्षों में शोध की गुणवत्ता, अंतरराष्ट्रीय साझेदारी और शैक्षणिक प्रदर्शन पर ध्यान देना भारतीय संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण होगा।