वित्त मंत्री हरपाल चीमा इस बार अपना चौथा बजट पेश करेंगे।
पंजाब सरकार वित्त वर्ष 2025-26 के लिए लगभग 2.15 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश करेगी। यह राशि पिछली बार से करीब 5% ज्यादा है। इस हिसाब से यह आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार का सबसे बड़ा बजट होगा।
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इस बजट में सरकार का सरकार का मुख्य फोकस कृषि, इंडस्ट्री, पंजाब को नशा मुक्त बनाने और किसानों को साधने पर रहेगा। जबकि, महिलाओं को 1100 रुपए महीने की गारंटी का वादा इस बार भी टल सकता है। इसकी प्रमुख वजह आर्थिक तंगी है, क्योंकि सरकार पहले ही 4 बड़ी गारंटियां पूरी कर चुकी है। इसलिए, इस योजना के लिए 13 हजार करोड़ रुपए का इंतजाम करना मुश्किल हो सकता है।

बजट में इन 4 क्षेत्रों में बढ़ोतरी संभव…
1. कृषि के बजट में 5% वृद्धि संभावित
- कृषि एवं सहायक क्षेत्र के लिए ₹14,473 करोड़ का आवंटन हो सकता है, जो 5% बढ़ा हुआ होगा।
- नई सिंचाई योजनाओं, जैविक खेती और फसल विविधीकरण के लिए अतिरिक्त फंडिंग की जा सकती है।
- पराली प्रबंधन और जल संकट के समाधान के लिए सरकार नई योजनाएं ला सकती है।
2. इंडस्ट्री में निवेश को आकर्षित करने की योजना
- सरकार इंडस्ट्री के लिए विशेष पैकेज ला सकती है, जिससे निवेश बढ़े और पंजाब में रोजगार के अवसर बढ़ें।
- MSME सेक्टर को सब्सिडी और टैक्स में राहत दी जा सकती है।
- सरकार की योजना है कि राज्य में बड़े उद्योगों को आकर्षित किया जाए, जिससे राजस्व बढ़े।
3. नशा मुक्त पंजाब पर रहेगा जोर
- पंजाब सरकार ड्रग्स के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान छेड़ सकती है।
- स्वास्थ्य बजट में वृद्धि कर ड्रग रिहैबिलिटेशन सेंटर्स के लिए अधिक धनराशि आवंटित की जा सकती है।
- नशे के खिलाफ सख्त कानून और निगरानी बढ़ाने के लिए पुलिस को अधिक संसाधन दिए जा सकते हैं।
4. शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार
- शिक्षा क्षेत्र का बजट ₹17,200 करोड़ तक पहुंच सकता है।
- सरकारी स्कूलों और विश्वविद्यालयों में नई योजनाओं का ऐलान किया जा सकता है।
- स्वास्थ्य बजट में 8% वृद्धि संभावित है, जिससे नई मेडिकल सुविधाएं और अस्पताल खोले जा सकते हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र को नए मेडिकल कॉलेज संभव
AAP सरकार की प्राथमिकता में स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करना सबसे ऊपर रहा है। भगवंत मान सरकार ने अपने पिछले तीन बजटों में स्वास्थ्य क्षेत्र में कई अहम कदम उठाए और इस बार के बजट में भी हेल्थ सेक्टर को लेकर बड़े ऐलान हो सकते हैं।

इस बार के बजट में संभावित बड़े ऐलान
- आम आदमी क्लीनिक का विस्तार – सरकार अब तक 870 मोहल्ला क्लीनिक खोल चुकी है, अगले बजट में इसे 1000 तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा जा सकता है। मोहल्ला क्लीनिक में अधिक डॉक्टरों और विशेषज्ञ सेवाओं को जोड़ा जा सकता है।
- नए मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों की घोषणा – सरकार ने हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने का वादा किया गया था। इस बार 3-4 नए मेडिकल कॉलेजों की घोषणा हो सकती है। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और नर्सों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।
- सरकारी अस्पतालों के बुनियादी ढांचे में सुधार – मोहल्ला क्लीनिकों के बाद सरकार ने वादा किया था कि जिला और तहसील अस्पतालों को अपग्रेड किया जाएगा। इसके लिए अब बजट में बड़ा फंड दिया जा सकता है।
शिक्षा क्षेत्र में बदलाव लाने की तैयारी
दिल्ली में AAP की हार के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया को पंजाब का प्रभारी बनाया गया है। दिल्ली में शिक्षा सुधार का श्रेय सिसोदिया को ही जाता है, इसलिए अब पंजाब सरकार भी बजट में शिक्षा सुधार को लेकर फोकस कर सकती है।
शिक्षा क्षेत्र में सुधार और विकास के लिए ये योजनाएं प्रस्तावित
- आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 25% आरक्षण: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सभी वर्गों तक पहुंचाने के उद्देश्य से पंजाब मंत्रिमंडल ने ‘पंजाब राइट ऑफ चिल्ड्रन टू फ्री एंड कंपल्सरी एजुकेशन रूल्स-2011’ में संशोधन को मंजूरी दी है। इस संशोधन के तहत निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए 25% सीटें आरक्षित की जाएंगी, जिससे वे भी निजी स्कूलों में शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
- दाखिला मुहिम 2025: शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए शिक्षा विभाग ने दाखिला मुहिम-2025 शुरू की है। इस अभियान का उद्देश्य अभिभावकों को सरकारी स्कूलों की बेहतरीन सुविधाओं के बारे में जागरूक करना और उन्हें अपने बच्चों का सरकारी स्कूलों में दाखिला कराने के लिए प्रेरित करना है। इसके लिए राज्यभर में मोबाइल वैन अभियान संचालित किया जाएगा, जो सरकारी स्कूलों की सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बारे में जानकारी देगा।
- इंग्लिश फॉर वर्क कोर्स: छात्रों के अंग्रेजी संचार कौशल में सुधार कर उन्हें रोजगार के अधिक अवसर प्रदान करने के लिए सरकार ने अगले 2 वित्तीय वर्षों 2025-26 और 2026-27 के लिए इंग्लिश फॉर वर्क कोर्स जारी रखने को मंजूरी दी है। इस पहल से हर वर्ष राज्य के विभिन्न सरकारी कॉलेजों में लगभग 5 हजार छात्रों को लाभ होगा।
- कौशल शिक्षा स्कूल (स्कूल ऑफ अप्लाइड लर्निंग): छात्रों को तकनीकी शिक्षा देने और रोजगार के नए अवसर खोलने के लिए राज्यभर में 40 कौशल शिक्षा स्कूल शुरू किए जाएंगे। लगभग 32 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित होने वाले इन स्कूलों में बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, बीमा, डिजिटल डिजाइन, ब्यूटी व वेलनेस और स्वास्थ्य देखभाल विज्ञान जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
नशे के खिलाफ सरकार का एक्शन प्लान
पंजाब सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में नशामुक्ति के लिए 70 करोड़ रुपए का प्रावधान किया था। वर्तमान में सरकार नशा मुक्ति के लिए 529 से अधिक ओओएटी क्लीनिक और 306 से अधिक पुनर्वास केंद्रों का नेटवर्क स्थापित किया गया है। सरकार की त्रिस्तरीय रणनीति में युवाओं को खेलों में शामिल करना, रोजगार के अवसर प्रदान करना और नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शामिल है।
इसके अलावा नशे की लत से उभरने वाले युवाओं के लिए रिहैबिलिटेशन की भी घोषणा सरकार कर चुकी है। 2025-26 बजट में एक बड़ा हिस्सा नशे को खत्म करने पर फोकस रहेगा। इसके साथ ही इन युवाओं को कौशल शिक्षा स्कूल प्रोग्राम के साथ जोड़ने का भी प्लान है, ताकि इन्हें उचित कोर्सेस करवा कर रोजगार के साथ जोड़ा जा सके।

सरकार की आबकारी नीति में बदलाव सरकार ने नई आबकारी नीति के तहत शराब की कीमतों में 10% तक वृद्धि करने और 10,350 करोड़ रुपए के राजस्व लक्ष्य की योजना बनाई है, जो नशे पर नियंत्रण के प्रयासों का हिस्सा हो सकती है।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की अगुआई में 5 मंत्रियों की एक उच्च-स्तरीय कमेटी गठित की गई है। पिछले एक महीने से सरकार के सभी विभाग मिलकर इस दिशा में काम कर रहे हैं। नशा तस्करों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है और ड्रोन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है।
नशे को रोकने के लिए ये उपाय करने की तैयारी
- नशा मुक्ति केंद्रों का विस्तार – राज्य में अधिक पुनर्वास केंद्र खोले जा सकते हैं और मौजूदा केंद्रों को बेहतर सुविधाओं से लैस किया जा सकता है।
- ड्रग सप्लाई नेटवर्क पर सख्ती – राज्य में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को और मजबूत किया जा सकता है, जिससे ड्रग तस्करों और नशे के कारोबारियों पर कड़ी कार्रवाई हो सके। इसके लिए अलग से बजट भी जारी किया जा सकता है।
- नशे के शिकार युवाओं के लिए रोजगार योजनाएं – नशा छोड़ चुके युवाओं के पुनर्वास और पुनः समाज में शामिल करने के लिए रोजगार और कौशल विकास कार्यक्रम शुरू किए जा सकते हैं।
- नशे के इलाज के लिए हेल्पलाइन और मोबाइल क्लीनिक – सरकार 24×7 हेल्पलाइन शुरू कर सकती है और मोबाइल डि-एडिक्शन क्लीनिक लॉन्च कर सकती है, जिससे दूर-दराज के इलाकों में भी मदद पहुंचाई जा सके।
- सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ाना व एंटी ड्रोन सिस्टम – पंजाब की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम और आधुनिक तकनीक के जरिए नशे की तस्करी को रोका जा सकता है। एंटी ड्रोन सिस्टम को लाने की तैयारी चल रही है।
इंडस्ट्री के लिया बढ़ाया जा सकता है बजट
पंजाब में इंडस्ट्री का महत्वपूर्ण स्थान है, लेकिन किसान आंदोलन के कारण इसे काफी नुकसान हुआ है। पंजाब की माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम इंडस्ट्री (MSME), लुधियाना की वूलन इंडस्ट्री और जालंधर की स्पोर्ट्स मार्केट एसोसिएशन के अनुसार, पिछले 13 महीनों में राज्य की इंडस्ट्री को लगभग 20 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
व्यापारियों का कहना है कि किसानों का आंदोलन पहली बार साल 2020 में शुरू हुआ था। तब से अब तक पंजाब की इंडस्ट्री स्थिर नहीं हो पाई है। कई कारोबारी पंजाब से अपना व्यवसाय समेटकर हरियाणा और अन्य राज्यों में स्थानांतरित हो गए हैं। उनका अनुमान है कि दो-तीन वर्षों में हरियाणा का व्यवसाय 4 गुना बढ़ चुका है। ऐसे में पंजाब की इंडस्ट्री को बचाना बहुत जरूरी है।
हालांकि, सरकार ने पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन का गठन किया हुआ है। साथ ही, यदि कोई उद्यमी पंजाब में इंडस्ट्री स्थापित करना चाहता है, तो उसे मात्र 16 दिनों में सभी आवश्यक एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) प्रदान कर दी जाती है, और 17वें दिन वह भूमि पूजन कर काम शुरू कर सकता है।
इसके अलावा, सरकार ने कारोबारियों के लिए 2 वन-टाइम सेटलमेंट स्कीम लॉन्च की हैं। वहीं, इंडस्ट्री को उम्मीद है कि बिजली की दरों में राहत मिल सकती है। वर्तमान में प्रति यूनिट बिजली की दर 8 रुपए है।

इन योजनाओं पर भी फोकस…
20 हजार नौकरियां देने की तैयारी सरकार इस साल भी युवाओं पर फोकस करेगी और विभिन्न विभागों में करीब 20 हजार पदों पर भर्ती की तैयारी कर रही है। इसके अलावा, कर्मचारियों के छठे महंगाई भत्ते की बकाया राशि जारी कर दी जाएगी।
अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम और ई-बसें पंजाब सरकार जल्द ही आम लोगों को घर मुहैया कराने के लिए अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम शुरू करेगी, ताकि जरूरतमंदों को अपना घर मिल सके। यह स्कीम बड़े शहरों में लागू की जाएगी।
इसके अलावा, लोगों के सफर को आसान बनाने के लिए ई-बसें खरीदने के लिए बजट में प्रावधान किया जाएगा। इस योजना के तहत चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए जा रहे हैं, और तैयारियां जोरों पर हैं।
महिलाओं को 1100 रुपए देने पर संशय, सरकार के सामने बजट की चुनौती
AAP सरकार के सामने महिलाओं को 1100 रुपए प्रतिमाह देने की गारंटी पूरी करने को लेकर दुविधा बनी हुई है। CM भगवंत मान के लिए यह गारंटी पूरी करना न सिर्फ आर्थिक चुनौती है, बल्कि राजनीतिक रणनीति का भी अहम हिस्सा बन गया है। इसकी वजह से AAP को आगामी चुनाव में मुश्किल भी झेलनी पड़ सकती है।
क्या गारंटी दी थी केजरीवाल ने साल 2022 में विधानसभा चुनाव से पहले AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने पंजाब में सरकार बनने पर महिलाओं को हर महीने 1 हजार रुपए देने का वादा किया था, जिसे बाद में 1100 रुपए कर दिया गया। यह महिला सशक्तिकरण योजना के तहत लागू होना था, लेकिन 3 साल बीतने के बाद भी इस वादे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

दिल्ली की हार से पंजाब में दबाव हाल ही में दिल्ली में चुनाव और लोकसभा चुनाव में हार के बाद AAP के अंदर इस गारंटी को पूरा करने को लेकर बहस छिड़ गई है। वहीं, हरियाणा की BJP सरकार ने बजट में महिलाओं को 2100 रुपए प्रतिमाह देने का प्रावधान कर दिया है, जिससे पंजाब सरकार पर भी दबाव बढ़ गया है। इससे पंजाब में AAP भी 2 धड़ों में बंट गई है।
एक धड़ा इस साल ही महिलाओं को 1100 रुपए देने की योजना लागू करने के पक्ष में है। दूसरा धड़ा अगले साल यानी 2026-27 के बजट में इसे लागू करने के पक्ष में है, ताकि विधानसभा चुनाव से पहले इसे राजनीतिक रूप से भुनाया जा सके।
1.32 लाख करोड़ का सालाना बजट निकालना मुश्किल पंजाब में लगभग 1.31 करोड़ महिलाएं हैं, जिनमें से यदि 1 करोड़ महिलाओं को भी 1100 रुपए प्रतिमाह दिए जाएं तो सरकार को हर महीने ₹11,000 करोड़ और सालभर में ₹1.32 लाख करोड़ का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा।
पंजाब सरकार पहले ही वित्तीय संकट में है। ऐसे में यह खर्च पूरा करना आसान नहीं है। CM भगवंत मान पहले कह चुके हैं कि यह योजना तभी लागू होगी जब सरकार को पर्याप्त वित्तीय संसाधन मिलेंगे। अगर इस साल सरकार 1100 रुपए देने का सोचती है तो उन्हें अन्य योजनाओं में कटौती करनी होगी, जो नुकसानदेह हो सकती है।












