Punjab Mohali Disclosure Momos Factory Case Report News| Mohali Animal Head Found Fridge Case Report News | मोहाली में मोमोज फैक्ट्री मामले में खुलासा: डीसी बोलीं- कुत्ते का नहीं बकरी के शरीर का था टुकड़ा, रिपोर्ट आई सामने – Mohali News

फ्रिज से मिला वह मास का टुकड़ा जिसकी जांच रिर्पोट आई।

मोहाली के मटौर में स्थित मोमोज बनाने वाली फैक्ट्री की रसोई से बरामद मांस के टुकड़े का पशुपालन विभाग के विशेषज्ञों ने बकरी/बकरे के शरीर के हिस्से के रूप में विश्लेषण किया है। शनिवार को डिप्टी कमिश्नर कोमल मित्तल ने बताया कि सूचना मिलने के बाद मोमोज बन

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वहां से खाद्य पदार्थों और अन्य सामग्री के नमूने लेने के अलावा, मांस का एक टुकड़ा भी बरामद किया गया और खाद्य सुरक्षा विभाग और नगर निगम की टीमों द्वारा इसकी उत्पत्ति का पता लगाने के लिए वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी को सौंप दिया गया।

आधा किलो वजन का था मास का टुकड़ा

डीसी कोमल मित्तल ने कहा कि पशुपालन विशेषज्ञों की जांच रिपोर्ट के अनुसार, फ्लैश (मांस) का टुकड़ा लगभग आधा किलोग्राम वजन का था और इसकी माप 10 इंच और 6 इंच थी। इस मांस के टुकड़े की सूक्ष्म जांच से पता चला है कि बरामद मांस का टुकड़ा बकरी/बकरे का है।

डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि जिला प्रशासन खाद्य सुरक्षा और नगर निगम की टीमों के माध्यम से अस्वच्छ और गंदे वातावरण में मानव उपभोग सामग्री तैयार करने/पकाने वाले विक्रेताओं के खिलाफ अपनी चल रही कार्रवाई में बहुत स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा टीमों द्वारा जिले में आम जनता के हितों की रक्षा के लिए निरीक्षण जारी रहेगा।

मोहाली डीसी कोमल मित्तल

मोहाली डीसी कोमल मित्तल

ये था पूरा मामला

यह मामला तब सामने आया जब गांव वालों ने कुछ दिन पहले फैक्ट्री का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बाद हेल्थ विभाग की टीम ने स्वतः संज्ञान लेते हुए छापेमारी की और मौके पर मौजूद सामान को नष्ट करवा दिया। वीडियो में साफ दिख रहा था कि गंदी बंदगोभी मोमोज के लिए रखी हुई थी। इसके अलावा बाथरूम में सामान रखा गया था।

गंदा तेल प्रयोग हो रहा था। हालांकि, गांववालों ने इस कार्रवाई को महज खानापूर्ति बताया। इसके बाद टीमों ने दोबारा मटौर गांव पहुंचकर सर्च ऑपरेशन चलाया। हालांकि बाद में जब लोगों ने खुद फ्रिज खोला तो एक जानवर का सिर बरामद हुआ था।

दो साल से चल रही थी, ट्राइ सिटी में सप्लाई

लोगों के अनुसार, यह कंपनी पिछले दो साल से मोहाली में चल रही थी, जहां नेपाली मूल के आठ से दस लोग काम कर रहे थे। इसे लेकर काफी समय से शिकायतें आ रही थीं। बताया जा रहा है कि यहां बने नूडल्स और मोमोज चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में सप्लाई किए जाते थे।