नशाखोरी पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट चिंतित: राज्य सरकार को लगाई फटकार; कहा- युवाओं का अपराध की ओर बढ़ना प्रदेश की असफलता को दर्शाता हैl

22/March/2025 Fact Recorder

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य में बढ़ती नशाखोरी पर गंभीर चिंता जताते हुए सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने कहा कि युवा नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी और अन्य अपराधों में लिप्त हो रहे हैं, जो सरकार की इस समस्या से निपटने में विफलता को दर्शातदरअसल, पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस संदीप मौदगिल 290 ग्राम हेरोइन की कॉमर्शियल बरामदगी मामले में आरोपी की जमानत पर सुनवाई कर रहे थे। इसी मामले का फैसला सुनाते हुए उन्होंने ये टिप्पणी भी की। जिसमें उन्होंने कहा- “नशे की बढ़ती लत देश के भविष्य को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा रही है और युवाओं को दीमक की तरह खोखला कर रही है।”

सरकार को फटकार लगाते हुए उन्होंने कहा- “युवाओं का अपराध की ओर बढ़ना राज्य सरकार की असफलता को दर्शाता है। पंजाब में नशे की समस्या बेहद गंभीर हो चुकी है, जिसे सख्ती से नियंत्रित किया जाना जरूरी है।”

नशे के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जरूरत

अदालत ने नशे के कारोबार में लिप्त अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की आवश्यकता जताते हुए कहा कि यह पूरे देश की सामाजिक संरचना के लिए खतरा बनता जा रहा है।

जस्टिस मौदगिल ने कहा कि कोर्ट नागरिकों का संरक्षक है और यह सुनिश्चित करना उसका कर्तव्य है कि इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। नशे के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।

कमर्शियल कैटेगरी के कारण नहीं मिली जमानत

अदालत ने कहा कि यह मात्रा कॉमर्शियल कैटेगरी में आती है, इसलिए एनडीपीएस एक्ट की धारा 37 के सख्त प्रावधान लागू होंगे। कोर्ट ने कहा कि ऐसे में आरोपी को जमानत देना सही नहीं होगा। अदालत ने साफ किया कि नशे के खिलाफ गंभीरता से कदम उठाने होंगे ताकि युवा पीढ़ी को इसकी लत से बचाया जा सके।