पंजाब-चंडीगढ़ में आज लू, बारिश और आंधी का अलर्ट।
पंजाब में भीषण गर्मी पड़ रही है। प्रदेश का दिन का तापमान 43.1 डिग्री तक पहुंच गया है। बठिंडा सबसे गर्म रहा है। पिछले 24 घंटे में राज्य के तापमान में 0.2 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह सामान्य तापमान से 5.6 डिग्री अधिक है। सभी जिलों का तापमान 40 डिग
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जबकि चंडीगढ़ में 10 और 11 अप्रैल को बारिश की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। दूसरी तरफ, सेहत विभाग ने गर्मी से बचने के लिए लोगों को एडवाइजरी जारी की है। गर्मी से प्रभावित मरीजों के लिए बेड आरक्षित रखे गए हैं।
लोगों को सलाह दी गई है कि यदि कोई ऐसा व्यक्ति मिले जिसका शरीर का तापमान बहुत अधिक हो, जो बेहोश हो, बेचैन हो, या जिसे पसीना आना बंद हो गया हो, तो तुरंत 104 मेडिकल हेल्पलाइन पर कॉल करें। उसे छाया में रखें। वहीं, अस्पतालों में बैड रिवर्ज रखे गए है।

पंजाब में आने दिनों में इस तरह का रहेगा मौसम।
सारे अस्पतालों में 24 घंटे सेवाएं सेहत सुविधाएं मौसम विभाग के मुताबिक, फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा और मानसा में लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जबकि पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, तरनतारन, फिरोजपुर, फरीदकोट, मोगा, लुधियाना, बरनाला, गुरदासपुर और पटियाला में येलो अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहना होगा और केवल आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलना चाहिए। सेहत विभाग की निदेशक डॉ. हितिंदर कौर ने सभी सिविल सर्जनों को सख्त निर्देश दिए हैं कि यह सुनिश्चित करें कि सभी अस्पतालों में गर्मी से प्रभावित मरीजों के लिए उचित इंतजाम हों। इसके अलावा, जिला अस्पतालों से लेकर सीएचसी और पीएचसी स्तर तक आवश्यक बेड आरक्षित किए गए हैं, जहां 24 घंटे सेहत सेवाएं उपलब्ध हैं।

पंजाब में इन जिलों में जारी किया गया है कि हीट वेव का अलर्ट
गर्मी से बचने के लिए उठाएं ये कदम: दिन के ठंडे समय के दौरान बाहरी काम करें, जैसे सुबह और शाम। हर आधे घंटे बाद पानी पिएं, भले ही प्यास न हो। मिर्गी, दिल की बीमारी, गुर्दे या जिगर की बीमारी वाले लोग, जो तरल पदार्थों की सीमित मात्रा लेते हैं, उन्हें पानी की मात्रा बढ़ाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। बाहर काम करते समय हल्के/फीके रंग के पूरे बाजू वाले कपड़े पहनें। गर्मियों में केवल सूती कपड़े पहनने की कोशिश करें। सीधी धूप से अपने सिर को ढकने के लिए छाता, टोपी, तौलिया, पगड़ी या दुपट्टा इस्तेमाल करें। धूप में काम करने वाले लोगों को शरीर के तापमान को बनाए रखने के लिए छाया में आराम करना चाहिए या अपने सिर पर गीला कपड़ा रखना चाहिए। धूप में बाहर जाते समय हमेशा पानी साथ रखें। मौसमी फल और सब्जियां जैसे तरबूज, संतरा, अंगूर, खीरा और टमाटर खाएं, क्योंकि इनमें पानी की मात्रा अधिक होती है। आपके घर या कार्यालय में सामान या भोजन की डिलीवरी के लिए आने वाले लोगों को पानी दें। नींबू पानी, लस्सी, नारियल पानी जैसे घरेलू पेय पदार्थों का उपयोग करें और उनका सेवन बढ़ाएं। अपनी त्वचा की सुरक्षा के लिए सनस्क्रीन और अपनी आंखों की सुरक्षा के लिए काले चश्मे लगाएं। थोड़ा-थोड़ा भोजन करें और बार-बार खाएं। ठंडे पानी से बार-बार नहाएं। छतों पर भूसा डालना या सब्जियां उगाना तापमान को कम रखता है। यदि व्यायाम कर रहे हैं, तो धीरे-धीरे शुरू करें और कुछ दिनों में इसे बढ़ाएं ताकि शरीर बढ़ते तापमान के अनुकूल हो सके। प्याज का सलाद और कच्चा आम नमक व जीरे के साथ खाने जैसे पारंपरिक उपाय गर्मी के प्रभाव को कम कर सकते हैं।
इन चीजों से बचने की कोशिश करे नंगे पैर बाहर न जाएं, धूप में बाहर जाते समय हमेशा जूते या चप्पल पहनें। धूप में बाहर जाने से बचें, खासकर दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच। गर्मियों के चरम समय के दौरान खाना पकाने से बचें। रसोई क्षेत्र को अच्छी तरह हवादार रखने के लिए दरवाजे और खिड़कियां खुली रखें। शराब, चाय, कॉफी, और कार्बोनेटेड व अतिरिक्त मीठे पेय पदार्थों से बचें, क्योंकि ये वास्तव में शरीर के तरल पदार्थों को कम कर देते हैं। तले हुए भोजन से बचें, बासी भोजन न खाएं। बच्चों या पालतू जानवरों को बंद वाहन में न छोड़ें।












