हरियाणा के पंचकूला में स्थित माता मनसा देवी मंदिर में चैत्र नवरात्र के पहले दिन ही माता के चरणों में माथा टेकने वाले श्रद्धालुओं की लंबी लंबी लाइने लग गई। दूर दूर कई स्थानों से जल्दी सुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिर आने का सिलसिला शुरू हो गया है। लोग
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मंदिर में पहुंचे श्रद्धालु
कई श्रद्धालु मंदिर में दंडवत होते हुए माता के चरणों में हाजिरी लगवाने पहुंच रहे हैं। उधर मंदिर आने वाले लोगों को कोई परेशानी न हो इसके लिए प्रशासन ने व्यापक प्रबंध किये गए हैं। डीसी मोनिका गुप्ता ने पूरी व्यवस्थाओं के लिए दो दिन पहले ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर दिए हैं।

भव्य रूम में सजाया गया मंदिर
श्री माता मनसा देवी पूजा स्थल बोर्ड की तरफ से श्रद्धालुओं के लिए इस बार प्रसाद में मिश्री प्रसाद के अलावा ड्राई फ्रूट का प्रसाद की व्यवस्था भी की गई है। इसके लिए सामाजिक संस्थाओं ने सहयोग किया है। पार्किंग स्थल से बुजुर्गों ,गर्भवती महिलाओं और दिव्यांगों को मंदिर तक लाने ले जाने के लिए ई रिक्शा की मुफ्त सेवा उपलब्ध करवाई गई है। इसके साथ साथ बस सेवा भी कई स्थानों पे उपलब्ध की गई है।

मंदिर परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
मंदिर में माता को चौला चढ़ाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग की गई थी और अपनी बुकिंग के अनुसार ही श्रद्धालु हर रोज मंदिर में चौला चढ़ाने आएंगे। इसके साथ ही पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के भी कड़े प्रबंध किये हैं। माता मनसा देवी मंदिर सहित जिले में स्थित अन्य धार्मिक स्थलों पर 837 पुलिसकर्मी तैनात किये गए हैं।

माथा टेक कर चेहरे पर छाया सुकून
मनसा देवी मंदिर के आस पास 12 नाके लगाए गए हैं। इसके साथ ही पुलिस की 5 पेट्रोलिंग पार्टी भी लगाई गई हैं। पुलिस दूरबीन ,सीसीटीवी कैमरा से भी निगरानी रख रही है। पंचकूला में स्थित माता मनसा देवी का मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है। बताया जाता है कि यहां पर माता सती का मस्तिष्क गिरा था।
जानकारी के अनुसार माता मनसा देवी के मंदिर का निर्माण मनीमाजरा के महाराजा गोपाल सिंह ने साल 1811 और 1815 में करवाया था। कहा जाता है कि मनीमाजरा के महाराज गोपाल सिंह ने कोई मनोकामना मांगी थी। मनोकामना पूर्ण होने पर उन्होंने इस मंदिर का निर्माण करवाया। मनीमाजरा में उनके महल से लेकर माता मनसा देवी मंदिर तक एक गुफा भी थी।

मंदिर से प्रसाद ग्रहण करते श्रद्धालु
जिसके माध्यम से राजा रोज इस गुफा से होते हुए मंदिर पहुंचे थे और माता की पूजा अर्चना करते थे। नवरात्र के दिनों के अलावा भी हर रोज मंदिर में दूर दूर से हजारों लोग माथा टेकने पहुंचते हैं। कई लोग विदेशों से आकर भी माता के चरणों में हाजिरी लगवाते हैं। नवरात्र में हर रोज कई कई लाख लोग मंदिर में माता का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं।












