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कर्नाटक में गु*टखा-तंबा*कू पर एक साल की पाबंदी

कर्नाटक 13 Aug 2026 Fact Recorder

 

National Desk :  अगर आप गुट*खा, पान मसाला या तं*बाकू-निको*टीन वाले उत्पादों का इस्तेमाल या कारोबार करते हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। कर्नाटक सरकार ने गु*टखा, पान मसाला और तं*बाकू या निकोटीन वाले अन्य संबंधित उत्पादों पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है।

राज्य के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से 10 अगस्त को जारी अधिसूचना के अनुसार, यह प्रतिबंध अधिसूचना जारी होने की तारीख से एक साल तक लागू रहेगा। प्रतिबंध केवल बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि इन उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर भी लागू होगा।

पूरी सप्लाई चेन पर सरकार की नजर

सरकार ने प्रतिबंधित उत्पादों की पूरी सप्लाई चेन को जांच के दायरे में रखा है। इसका मतलब है कि अधिकारी यह भी पता लगाएंगे कि प्रतिबंधित सामान कहां तैयार हो रहा है, कहां स्टोर किया जा रहा है और किस माध्यम से बाजार तक पहुंचाया जा रहा है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को ऐसे उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का कहना है कि प्रतिबंधित उत्पादों के बाजार में पहुंचने पर रोक लगाने के लिए नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा।

अलग-अलग पैकेट में बेचने पर भी नजर

अधिसूचना में ऐसे उत्पादों को लेकर भी सावधानी बरतने की बात कही गई है, जिन्हें अलग-अलग पैकेट में बेचा जाता है, लेकिन बाद में मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। यानी अलग-अलग पैकेट में सामान बेचकर प्रतिबंध से बचने की कोशिश भी जांच के दायरे में आ सकती है।

यदि किसी अंतिम उत्पाद में तं*बाकू या नि*कोटीन मौजूद है अथवा अलग-अलग उत्पादों को मिलाकर तं*बाकू वाला मिश्रण तैयार किया जा सकता है, तो ऐसे मामलों की भी जांच की जाएगी।

पूरे कर्नाटक में जांच अभियान तेज

अधिसूचना जारी होने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने राज्यभर में जांच अभियान तेज कर दिया है। अधिकारी उन स्थानों की जांच कर रहे हैं जहां प्रतिबंधित तं*बाकू या नि*कोटीन वाले उत्पादों के निर्माण, भंडारण या बिक्री की जानकारी मिल रही है।

सरकार ने आम लोगों से भी इस अभियान में सहयोग करने की अपील की है। विभाग के मुताबिक, यदि किसी व्यक्ति को प्रतिबंधित उत्पादों के निर्माण, बिक्री या वितरण की जानकारी मिलती है तो वह संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दे सकता है।

सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य प्रतिबंधित तं*बाकू उत्पादों की उपलब्धता रोकना और राज्य में बेहतर स्वास्थ्य वातावरण बनाने की दिशा में काम करना है।