October 13,2026 Fact Recorder
Lifestyle Desk: शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मां को दूध से बनी मिठाइयों का भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है। ऐसे में आप इस बार घर पर समा के चावल, दूध और गुड़ से स्वादिष्ट रबड़ी तैयार कर सकती हैं। यह रेसिपी व्रत के दौरान खाने के लिए भी एक अच्छा विकल्प हो सकती है।
मां चंद्रघंटा के भोग के लिए रबड़ी बनाने की सामग्री
घर पर स्वादिष्ट और मलाईदार रबड़ी बनाने के लिए इन सामग्रियों की जरूरत होगी:
- 2 बड़े चम्मच समा के चावल
- 1 बड़ा चम्मच कद्दूकस किया हुआ सूखा नारियल
- 6 से 8 काजू
- 500 मिलीलीटर फुल क्रीम दूध
- 2 से 3 बड़े चम्मच गुड़ का पाउडर
- ⅛ छोटा चम्मच इलायची पाउडर
- सजावट के लिए कटे हुए बादाम और काजू
समा के चावल और गुड़ से रबड़ी बनाने की विधि
स्टेप 1: चावल और काजू भिगोएं
सबसे पहले समा के चावल और काजू को अच्छी तरह धोकर 15 से 20 मिनट के लिए पानी में भिगो दें। इससे इन्हें पीसना आसान हो जाएगा।
स्टेप 2: तैयार करें पेस्ट
भीगे हुए चावल और काजू का पानी निकाल लें। अब इन्हें सूखे नारियल और थोड़े से दूध के साथ मिक्सर में डालकर बारीक पेस्ट बना लें।
स्टेप 3: दूध में पकाएं मिश्रण
एक भारी तले वाले पैन में फुल क्रीम दूध गर्म करें। दूध गर्म होने पर तैयार पेस्ट को धीरे-धीरे डालें और लगातार चलाते रहें, ताकि मिश्रण में गांठें न बनें।
स्टेप 4: रबड़ी को गाढ़ा करें
मिश्रण को धीमी से मध्यम आंच पर लगभग 15 से 20 मिनट तक पकाएं। बीच-बीच में चलाते रहें। जब समा के चावल अच्छी तरह पक जाएं और दूध गाढ़ा होकर मलाईदार बन जाए, तो गैस बंद कर दें।
स्टेप 5: मिलाएं गुड़ और इलायची
रबड़ी को थोड़ा ठंडा होने दें। इसके बाद गुड़ का पाउडर और इलायची पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं। गुड़ को बहुत गर्म दूध में डालने से दूध फट सकता है, इसलिए इसे थोड़ा ठंडा होने के बाद मिलाना बेहतर है।
स्टेप 6: ड्राई फ्रूट्स से सजाएं
आखिर में कटे हुए काजू और बादाम डालें। आपकी स्वादिष्ट समा के चावल और गुड़ से बनी रबड़ी तैयार है। इसे मां चंद्रघंटा को भोग लगाने के बाद गर्म या ठंडा परोस सकती हैं।
नवरात्रि में बनाएं स्वादिष्ट और पौष्टिक भोग
नवरात्रि के दौरान फलाहार के लिए यह रबड़ी एक अच्छा विकल्प हो सकती है। दूध से प्रोटीन और कैल्शियम मिलता है, जबकि मेवे स्वाद के साथ पोषक तत्व भी प्रदान करते हैं। हालांकि, व्रत में समा के चावल और अन्य सामग्री का सेवन अपनी व्रत परंपरा के अनुसार ही करें।
मां चंद्रघंटा की पूजा के अवसर पर श्रद्धा से तैयार किया गया यह भोग परिवार के साथ प्रसाद के रूप में भी बांटा जा सकता है।











