September 02,2026 Fact Recorder
Rashifal Desk: भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव भक्तों के लिए बेहद खास होता है। इस दिन श्रद्धालु कान्हा के लिए तरह-तरह के पकवान तैयार करते हैं और विधि-विधान से उनका भोग लगाते हैं। श्रीकृष्ण को माखन बेहद प्रिय माना जाता है। बचपन में उनकी माखन चुराने की लीलाओं का वर्णन भी धार्मिक कथाओं में मिलता है। यही वजह है कि जन्माष्टमी पर माखन-मिश्री का भोग लगाने की विशेष परंपरा है।
अगर आप भी इस जन्माष्टमी पर घर में कान्हा के लिए माखन-मिश्री तैयार करना चाहते हैं, तो कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी की पत्नी रेणुका गोस्वामी द्वारा साझा की गई विधि के अनुसार इसे आसानी से बना सकते हैं। खास बात यह है कि भोग के लिए बाजार का माखन लेने के बजाय घर पर शुद्ध माखन तैयार किया जा सकता है।
माखन-मिश्री बनाने के लिए क्या चाहिए?
घर पर माखन-मिश्री का भोग तैयार करने के लिए आपको कुछ साधारण चीजों की जरूरत होगी:
- गाय के दूध की शुद्ध मलाई
- मिश्री
- केसर के धागे
- ठंडा पानी
माखन तैयार करने के लिए गाय के दूध की ताजी और शुद्ध मलाई का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है। आप चाहें तो गाय के दूध से तैयार दही से भी माखन निकाल सकते हैं। मिश्री के लिए साधारण धागे वाली मिश्री या केसर वाली मिश्री का इस्तेमाल किया जा सकता है।
ऐसे तैयार करें कान्हा के लिए माखन-मिश्री
सबसे पहले एक साफ बर्तन में गाय के दूध की मलाई लें। इसे रई या चम्मच की मदद से अच्छी तरह फेंटें। लगातार फेंटने से मलाई चिकनी होने लगेगी और इसमें से माखन अलग होने लगेगा।
इसके बाद इसमें थोड़ा ठंडा पानी डालें। पानी डालने के बाद माखन अलग होकर ऊपर आने लगेगा। अब हाथों की मदद से माखन को निकाल लें और साफ मिट्टी की मटकी या किसी स्वच्छ बर्तन में रखें।
माखन में स्वाद के अनुसार मिश्री मिलाएं और ऊपर से केसर के कुछ धागे डालें। इस तरह जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण को अर्पित करने के लिए माखन-मिश्री का भोग तैयार हो जाएगा।
जन्माष्टमी पर इन चीजों का भी लगाया जाता है भोग
माखन-मिश्री के अलावा जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण को कई अन्य पारंपरिक चीजों का भोग भी लगाया जाता है। इनमें धनिया की पंजीरी, मेवा पाक, मेवा की कतली और कसार प्रमुख हैं। इसके अलावा पंचामृत भी श्रीकृष्ण के भोग का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
पंचामृत बनाने की पारंपरिक विधि
पंचामृत बनाने के लिए आमतौर पर गाय का कच्चा दूध, गाय के दूध से बना दही, देसी घी, शहद और मिश्री का इस्तेमाल किया जाता है। इन सभी चीजों को उचित मात्रा में मिलाकर पंचामृत तैयार किया जाता है।
भगवान श्रीकृष्ण को पंचामृत अर्पित करते समय इसमें तुलसी के पत्ते डालने की भी परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु और उनके अवतार श्रीकृष्ण को तुलसी अत्यंत प्रिय मानी जाती है।
ध्यान दें: भोग की सामग्री और विधि अलग-अलग क्षेत्रों एवं परिवारों की परंपराओं के अनुसार अलग हो सकती है। पूजा-पाठ से जुड़ी मान्यताओं के लिए अपने परिवार या स्थानीय परंपरा का पालन करें।











