05 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Chandigarh Desk: जिला अदालत ने करीब ₹3 करोड़ से अधिक के चेक बाउंस मामले में अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को दो साल की कैद की सजा देने के साथ-साथ ₹3.61 करोड़ की चेक राशि अदा करने के निर्देश भी जारी किए हैं।
सजा पाने वाले व्यक्ति की पहचान सुरिंदर सिंह, निवासी जिला नवांशहर (पंजाब) के रूप में हुई है। यह मामला सेक्टर-9 स्थित कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड की ओर से करीब सात साल पहले दायर किया गया था।
अदालत में बैंक की ओर से पैरवी कर रहे वकील मोहित सरीन ने बताया कि सुरिंदर सिंह ने बैंक से किसान क्रेडिट लोन लिया था। लोन समझौते के तहत उसे निर्धारित किश्तों में भुगतान करना था, लेकिन उसने किश्तें देना बंद कर दिया। बैंक द्वारा कई बार रिमाइंडर भेजे गए, इसके बावजूद भुगतान नहीं किया गया।
इसके बाद बैंक ने ऋण के एवज में जमा कराया गया ₹3.61 करोड़ का सिक्योरिटी चेक प्रस्तुत किया, जो खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण बाउंस हो गया। बैंक ने 31 अक्टूबर 2019 को आरोपी को कानूनी नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर भुगतान करने का अवसर दिया, लेकिन निर्धारित अवधि में भी राशि जमा नहीं करवाई गई।
नोटिस अवधि समाप्त होने के बाद बैंक ने आरोपी के खिलाफ नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत जिला अदालत में शिकायत दर्ज करवाई। सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से यह दलील दी गई कि उस पर कोई देनदारी नहीं है और बैंक ने सिक्योरिटी चेक का दुरुपयोग किया है, लेकिन अदालत ने इन तर्कों को खारिज कर दिया।
मामले से जुड़े सभी तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने सुरिंदर सिंह को दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनाई और ₹3.61 करोड़ की राशि बैंक को अदा करने का आदेश दिया।













