September 03,2026 Fact Recorder
National Desk: राजस्थान में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी और मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले खाद्य उत्पादों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने पंजाब, दिल्ली और राजस्थान में निर्मित देशी घी और लाल मिर्च पाउडर के कुछ ब्रांडों की बिक्री पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले कई खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस भी निलंबित और रद्द किए गए हैं।
चार ब्रांड के खाद्य उत्पादों की बिक्री पर रोक
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, चार ब्रांड के देशी घी और मिर्च पाउडर की बिक्री पर दो महीने के लिए रोक लगाई गई है। कार्रवाई के दायरे में दिल्ली, पंजाब और राजस्थान में निर्मित खाद्य उत्पाद शामिल हैं।
विभाग ने दिल्ली के सरनाथ औद्योगिक क्षेत्र में केडीपी फूड इंडस्ट्रीज द्वारा निर्मित कृष्णा ब्रांड, पंजाब के फाजिल्का स्थित मैसर्स हिमाया फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के जीएस गोल्ड ब्रांड लाल मिर्च पाउडर तथा राजस्थान के बालोतरा की मैसर्स दिशा एंटरप्राइजेज के नंदी ब्रांड देशी घी और बाड़मेर की श्री सांवरिया इंडस्ट्रीज के गोल्डन थार ब्रांड देशी घी की बिक्री पर रोक लगाई है।
जयपुर में तीन प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग ने जयपुर में अवैध तरीके से खाद्य सामग्री का कारोबार करने के मामले में तीन प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस निलंबित किए हैं। इनमें विद्याधर नगर स्थित बालाजी जायका, कूकड़खेड़ा स्थित मैसर्स गणपति ड्राईफ्रेट्स और निर्माण नगर स्थित फूड कैफे शामिल हैं।
विभाग की कार्रवाई में कुल 9 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं।
बिना लाइसेंस कारोबार जारी रखने पर रजिस्ट्रेशन भी रद्द
विभाग के अनुसार, कुछ प्रतिष्ठानों के खिलाफ पहले भी असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री के चलते लाइसेंस निलंबित किए गए थे। इसके बावजूद वैध लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के बिना खाद्य कारोबार जारी रखने पर जयपुर के तीन प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिए गए।
इनमें विद्याधर नगर स्थित एम/एस बालाजी जयका, कूकड़खेड़ा स्थित एम/एस गणपति ड्राईफ्रूट्स और निर्माण नगर स्थित द कंबू कैफे फूड एंड बेवरेजेज शामिल हैं।
खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्ती
राजस्थान खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से साफ है कि राज्य में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और वैध लाइसेंस से जुड़े नियमों के उल्लंघन पर सख्ती बरती जा रही है। विभाग ने नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला जारी रखा है।











