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पुिस की गिरफ्त में दो आरोपी वार्ड अटेंडेंट मनप्रीत सिंह उर्फ सोनू और कंप्यूटर ऑपरेटर भोलू।
कपूरथला के सरकारी अस्पताल भुलत्थ में फर्जी डोप टेस्ट रिपोर्ट बनाने का मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की भ्रष्टाचार विरोधी एक्शन लाइन पर मिली शिकायत के बाद यह कार्रवाई की गई। विजिलेंस ब्यूरो ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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जानकारी के अनुसार पकड़े गए आरोपियों की पहचान वार्ड अटेंडेंट मनप्रीत सिंह उर्फ सोनू और कंप्यूटर ऑपरेटर भोलू उर्फ इस्माईल के रूप में हुई है। दोनों आरोपी नेगेटिव डोप टेस्ट रिपोर्ट जारी करने के बदले 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़े गए। जांच में पता चला है कि आरोपी नियमित रूप से डोप टेस्ट के नतीजों में हेराफेरी करते थे।
हथियार लाइसेंस प्राप्त करने के लिए रिपोर्टों का इस्तेमाल
इन फर्जी रिपोर्टों का इस्तेमाल हथियार लाइसेंस प्राप्त करने या पुराने लाइसेंस का नवीनीकरण कराने के लिए किया जाता था। शिकायतकर्ता ने रिश्वत की मांग के ऑडियो-वीडियो सबूत और फर्जी रिपोर्टें भी जमा कराई हैं।
विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि अस्पताल में तैनात डॉ. मोहितपाल और एक अस्थायी लैब तकनीशियन मान सिंह की भूमिका की भी जांच की जा रही है। मामले में भ्रष्टाचार निरोधक कानून और भारतीय न्याय संहिता के तहत विजिलेंस थाना जालंधर में केस दर्ज किया गया है। जालंधर रेंज की टीम इस मामले से जुड़े अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है।












