3 August 2026 Fact Recorder
Education Desk : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में राज्य की अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के तहत रांची, बोकारो, पलामू और हजारीबाग सहित करीब 15 से 20 स्थानों पर छापेमारी की गई।
CID की टीमें परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों से जुड़े लोगों के खिलाफ जांच कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, अब तक जुटाए गए सबूतों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है।
14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में प्रतियोगी छात्रों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए परीक्षा रद्द करने और आयोग की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार की मांग की है।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI से जांच कराई जानी चाहिए। उनका मानना है कि स्वतंत्र एजेंसी की जांच से ही पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित हो सकेगी और दोषियों की पहचान हो पाएगी।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर अपनी मांगें सरकार के समक्ष रखीं। उन्होंने CID जांच का स्वागत करते हुए कहा कि केवल जांच शुरू करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि परीक्षा रद्द कर नई प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक सरकार भर्ती प्रक्रिया में सुधार और परीक्षा रद्द करने का फैसला नहीं लेती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने परीक्षा आयोजित करने वाली निजी एजेंसी TSR Data Processing Limited (TDPL) की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि एजेंसी को परीक्षा का जिम्मा देने में पारदर्शिता नहीं बरती गई। हालांकि, यह मामला अभी जांच के दायरे में है और किसी भी एजेंसी या व्यक्ति की जिम्मेदारी अब तक आधिकारिक रूप से तय नहीं हुई है।













