11 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
International Desk: भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते में एक अहम बदलाव सामने आया है। व्हाइट हाउस ने संशोधित तथ्य पत्र (फैक्ट शीट) जारी करते हुए उन दालों का उल्लेख हटा दिया है, जिन्हें पहले आयात शुल्क में छूट की सूची में शामिल बताया गया था। इस बदलाव के बाद अब यह स्पष्ट नहीं रह गया है कि भारत अमेरिकी दालों पर आयात शुल्क कम करेगा या नहीं।
पहले जारी फैक्ट शीट में कहा गया था कि भारत अमेरिकी औद्योगिक उत्पादों के साथ-साथ कुछ कृषि और खाद्य वस्तुओं पर आयात शुल्क घटाएगा या समाप्त करेगा। इसमें सूखे अनाज, लाल ज्वार, फल-मेवे, नट्स, कुछ दालें, सोयाबीन तेल, शराब और वाइन शामिल थीं। हालांकि अब जारी संशोधित दस्तावेज में दालों का जिक्र पूरी तरह हटा दिया गया है।
बदलाव का मतलब क्या है?
इस संशोधन से संकेत मिलता है कि दालों को लेकर दोनों देशों के बीच अभी सहमति पूरी तरह नहीं बनी है। अगर भारत अमेरिकी दालों पर शुल्क में कटौती नहीं करता है, तो अमेरिका के लिए भारत को दालों का निर्यात पहले की तरह महंगा बना रहेगा।
क्यों अहम है यह मुद्दा?
भारत दालों का बड़ा आयातक है और घरेलू किसानों के हित सरकार के लिए संवेदनशील मुद्दा हैं।
अमेरिका चाहता है कि उसके कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में आसान पहुंच मिले।
दालों को सूची से हटाना यह दिखाता है कि भारत ने इस क्षेत्र में फिलहाल सतर्क रुख अपनाया है।
अब आगे क्या?
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह अंतरिम समझौता है और अंतिम व्यापार समझौते से पहले कई शर्तों में बदलाव संभव है। दालों पर शुल्क का फैसला आगे की बातचीत और राजनीतिक-सामरिक संतुलन पर निर्भर करेगा।











