नई दिल्ली, 19 जुलाई 2026 Fact Recorder
National Desk: भारत ने अंतरिक्ष क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए निजी अंतरिक्ष उद्योग के नए युग की शुरुआत कर दी है। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से हैदराबाद स्थित स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा विकसित ‘विक्रम-1’ रॉकेट का सफल प्रक्षेपण किया गया। इसके साथ ही यह लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में पहुंचने वाला भारत का पहला निजी रॉकेट बन गया।
35 मिनट की देरी के बाद मिली सफलता
शनिवार दोपहर लॉन्चिंग से करीब पांच मिनट पहले तकनीकी बाधा आने के कारण प्रक्षेपण को रोक दिया गया। वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने करीब 35 मिनट तक समस्या का समाधान किया, जिसके बाद दोपहर 12:05 बजे विक्रम-1 ने पहले लॉन्च पैड से सफल उड़ान भरी। स्काईरूट एयरोस्पेस ने अपने पहले मिशन को ‘मिशन आगमन’ नाम दिया था।
छह उपग्रहों को सफलतापूर्वक कक्षा में पहुंचाया
विक्रम-1 अपने साथ छह उपग्रह लेकर गया था। रॉकेट ने सभी उपग्रहों को पृथ्वी से लगभग 450 किलोमीटर की ऊंचाई पर उनकी निर्धारित कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित किया, जिससे मिशन पूरी तरह सफल रहा।
पहले प्रयास में ऑर्बिटल लॉन्च की उपलब्धि
स्काईरूट एयरोस्पेस दुनिया की उन चुनिंदा निजी कंपनियों में शामिल हो गई है, जिन्होंने अपने पहले ही प्रयास में ऑर्बिटल लॉन्च मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया है। यह उपलब्धि भारत के निजी अंतरिक्ष उद्योग के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है।
भारत के लिए क्यों है ऐतिहासिक उपलब्धि?
इस मिशन की सफलता के साथ भारत अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का तीसरा देश बन गया है, जहां किसी निजी कंपनी ने अंतरिक्ष की कक्षा में पहुंचने वाला रॉकेट सफलतापूर्वक लॉन्च किया है। यह उपलब्धि देश के उभरते स्पेस स्टार्टअप इकोसिस्टम और आत्मनिर्भर अंतरिक्ष कार्यक्रम की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
46 साल पुराने इतिहास की दोहराई याद
गौरतलब है कि 18 जुलाई 1980 को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने SLV-3 रॉकेट के जरिए पहली बार भारतीय उपग्रह को अंतरिक्ष में स्थापित किया था। दिलचस्प बात यह है कि विक्रम-1 की ऊंचाई भी लगभग 22 मीटर है, जो उस ऐतिहासिक SLV-3 रॉकेट के समान है।
अब तक भारत में रॉकेट विकसित करने और लॉन्च करने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से इसरो निभाता रहा है। लेकिन विक्रम-1 की सफलता के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि भारतीय निजी कंपनियां भी अब वैश्विक अंतरिक्ष क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाने के लिए तैयार हैं।













