Home Gallery रोजगार योजना के अंतर्गत ₹2,400 करोड़ मूल्य की प्रोत्साहन राशि

रोजगार योजना के अंतर्गत ₹2,400 करोड़ मूल्य की प्रोत्साहन राशि

शिमला 20 June 2026 Fact Recorder

National Desk :   श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत कर्मचारी भविष्य निधि संगठन द्वारा आज प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) के अंतर्गत लाभों के वितरण हेतु राष्ट्रीय कार्यक्रम के क्रम में सीपीआरआईशिमला में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

मुख्य कार्यक्रम विज्ञान भवननई दिल्ली में आयोजित किया गयाजहां माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देशभर के 15 लाख से अधिक लाभार्थियों को ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित की। देशव्यापी जन-जागरूकता अभियान के अंतर्गत देशभर में 200 स्थानों पर क्षेत्रीय कार्यक्रम भी एक साथ आयोजित किए गए।

शिमला में आयोजित कार्यक्रम में श्री हर्षवर्धन चौहानमाननीय श्रम एवं रोजगारउद्योग तथा संसदीय कार्य मंत्रीहिमाचल प्रदेश सरकारश्री सुरेश कुमार कश्यपमाननीय सांसदशिमला तथा श्री हरीश जनारथामाननीय विधायकशिमला (शहरी) की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में 231 प्रतिभागियों ने भाग लियाजिनमें 174 लाभार्थी, 24 नियोक्ताउद्योग संघों के प्रतिनिधिजनप्रतिनिधिराज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी तथा ईपीएफओ के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल थे।

कार्यक्रम के दौरान सीपीआरआईशिमला में नियोक्ताओं द्वारा नव-नियोजित सदस्यों को 22 नियुक्ति पत्र भी वितरित किए गए।

क्षेत्रीय कार्यक्रम में नियोक्ताओं एवं कर्मचारियों के अनुभव

कार्यक्रम के दौरान योजना के लाभार्थी नियोक्ताओं एवं कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) के संबंध में अपने अनुभव साझा किए।

एक लाभार्थी नियोक्ता ने बताया कि उनका प्रतिष्ठान प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के भाग-बी के अंतर्गत अतिरिक्त रोजगार सृजन करने पर नियोक्ताओं को देय वित्तीय प्रोत्साहन प्राप्त करने का पात्र है। उन्होंने बताया कि योजना के लाभार्थी होने के कारण प्रतिष्ठान को वित्तीय प्रोत्साहन प्राप्त होगाजिससे आर्थिक सहायता मिलेगी। इसके परिणामस्वरूप प्रतिष्ठान अतिरिक्त कर्मचारियों को कार्य पर रख सकेगा तथा अपने कार्यों का निष्पादन अधिक दक्षता से कर पाएगा। उन्होंने आगे बताया कि चूँकि योजना के अंतर्गत लाभ दो वर्षों की अवधि तक उपलब्ध होंगेइसलिए प्रतिष्ठान को नई भर्तियों पर बार-बार होने वाले व्यय में बचत होगीजिससे आर्थिक लागत तथा कर्मचारियों के विस्थापन में कमी आएगी।

एक लाभार्थी कर्मचारी ने बताया कि पहली बार रोजगार प्राप्त करने वाले कर्मचारियों के लिए योजना के अंतर्गत उपलब्ध प्रोत्साहन प्रारंभिक रोजगार संबंधी व्ययों को वहन करने में सहायक है। कर्मचारी ने आगे बताया कि यह योजना औपचारिक रोजगार में निरंतरता बनाए रखनेआर्थिक सुरक्षा प्रदान करने तथा कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। कर्मचारी ने इस योजना के लिए भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

पीएम-वीबीआरवाई के बारे में

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) भारत सरकार की एक प्रमुख रोजगार-आधारित प्रोत्साहन (Employment-Linked Incentive – ELI) योजना हैजिसका उद्देश्य औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देनासंगठित कार्यबल में पहली बार प्रवेश करने वाले कर्मचारियों को सहायता प्रदान करना तथा नियोक्ताओं को अतिरिक्त रोजगार सृजित करने के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना के अंतर्गत पात्र प्रथम बार रोजगार प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को एक माह के वेतन के बराबरअधिकतम ₹15,000 तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती हैजबकि अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं को दो वर्षों की अवधि तक प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है। विनिर्माण क्षेत्र को अतिरिक्त दो वर्षों के लिए विस्तारित सहायता प्रदान की जाती हैजिससे श्रम-प्रधान उद्योगों में सतत रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलता है।

मुख्य अतिथि के संबोधन के प्रमुख बिंदु

लगभग ₹लाख करोड़ के परिव्यय के साथ प्रारंभ की गई यह योजना न केवल कर्मचारियों बल्कि नियोक्ताओं को भी प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। रोजगार के क्षेत्र में संतृप्ति की स्थिति को देखते हुए यह योजना निजी क्षेत्र में रोजगार सृजन को बढ़ावा दे रही है।