27 अगस्त 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Himachal Desk: हिमाचल प्रदेश में लगातार दो दिन मूसलाधार बारिश से तबाही मचाने के बाद बुधवार को मौसम साफ हुआ, लेकिन हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं। बिलासपुर जिले की ग्राम पंचायत मंझेड़ में एक मकान ढह गया, जबकि बिलासपुर शहर के धौलरा सेक्टर में शौचालय गिरने के बाद आसपास के मकानों को खतरा बना हुआ है।
सैकड़ों सड़कें बंद, बिजली-पानी ठप भूस्खलन और बाढ़ से राज्यभर में सैकड़ों सड़कें बंद हैं। कई इलाकों में बिजली और पेयजल आपूर्ति बाधित है। कुल्लू-मनाली हाईवे का ब्यास नदी ने आठ जगहों पर हिस्सा बहा दिया, जिससे मनाली और लाहौल घाटी का संपर्क कुल्लू से कट गया है। रामशिला से मनाली तक 700 मीटर सड़क बह चुकी है। कुल्लू-मनाली वामतट मार्ग भी बंद है, forcing लोगों को पैदल सफर करना पड़ रहा है।
मनाली-कुल्लू में तबाही का मंजर मंगलवार को ब्यास नदी के उफान ने मनाली से लेकर मंडी तक भारी तबाही मचाई। मनाली के बांहग में दो रेस्तरां, तीन दुकानें, एक घर और तीन खोखे बह गए। ओल्ड मनाली में सात खोखे, क्लब हाउस को नुकसान और मनालसू नाले पर बना पुल ध्वस्त हो गया। सेऊबाग में पैदल पुल बह गया और मनाली-लेह मार्ग समाहन में सड़क धंसने से बंद है। रायसन के पास शिरढ़ रिजॉर्ट को खतरा पैदा हो गया है, जबकि बढ़ीधार में दो मंजिला मकान ढह गया।
मौसम विभाग का अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 2 सितंबर तक राज्य में बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। इस दौरान ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी है। बीती रात चंबा में 51 मिमी, धर्मशाला में 40.4 मिमी, बिलासपुर में 20.4 मिमी और अन्य क्षेत्रों में मध्यम बारिश दर्ज की गई।
सोलन में घरों को खतरा सोलन शहर के वार्ड-12 में एक डंगा गिरने से ऊपर बने घरों को खतरा पैदा हो गया है। आसपास का निर्माणाधीन भवन भी जोखिम में है। यदि बारिश का क्रम ऐसे ही जारी रहा तो बड़े हादसे की आशंका है।
मानसून का भारी नुकसान 20 जून से अब तक मानसून ने 306 लोगों की जान ले ली है, 367 लोग घायल हुए और 38 लोग लापता हैं। 2,394 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान, 3,656 मकान-दुकानें क्षतिग्रस्त, 2,819 गोशालाएं नष्ट और 1,843 पालतु पशुओं की मौत हो चुकी है।
चंडीगढ़-मनाली हाईवे तीन दिन से बंद पंडोह से औट तक हाईवे तीन दिन से बंद है। फल-सब्जियों और अन्य सामान से लदे सैकड़ों वाहन फंसे हैं। ड्राइवरों का कहना है कि गाड़ियों में रखा माल सड़ने लगा है, जिससे भारी आर्थिक नुकसान होगा। प्रशासन ने फंसे लोगों के लिए भोजन-पानी की व्यवस्था की है और एनएचएआई व लोक निर्माण विभाग हाईवे बहाली में जुटे हुए हैं। हिमाचल में बारिश थमने के बाद भी मुश्किलें कम होने के आसार फिलहाल नहीं दिख रहे हैं।