13 May 2026 Fact Recorder
Lifestyle Desk: देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जबकि बांदा में पारा 48 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने कई इलाकों में हीटवेव अलर्ट जारी किया है। ऐसे मौसम में स्वास्थ्य विशेषज्ञ कुछ लोगों को बेहद सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दे रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, जब किसी क्षेत्र में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो और गर्म हवाएं चलें, तो उसे लू या हीटवेव कहा जाता है। इस दौरान शरीर में पानी की कमी, चक्कर, सिरदर्द, उल्टी, कमजोरी और बेहोशी जैसी समस्याएं हीटस्ट्रोक के संकेत हो सकते हैं।
किन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा?
Apollo Medical Center के कंसल्टेंट फिजिशियन और डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. आर. नवीन के मुताबिक कुछ लोगों में हीटस्ट्रोक का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में अधिक होता है।
छोटे बच्चे
1 से 5 साल तक के बच्चों को तेज धूप और गर्मी से दूर रखना चाहिए। बच्चों की बॉडी अधिक एक्टिव होती है, जिससे उन्हें जल्दी पसीना आता है और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है।
गर्भवती महिलाएं
प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को तेज धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए। जरूरी होने पर बाहर जाते समय पानी, जूस और हाइड्रेटेड फूड साथ रखना जरूरी है।
पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोग
दिल की बीमारी, डायबिटीज और मोटापे से जूझ रहे लोगों को गर्मी में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। इन लोगों में शरीर का तापमान जल्दी बढ़ सकता है।
कुछ दवाइयां लेने वाले लोग
जो लोग ब्लड प्रेशर या यूरिन बढ़ाने वाली दवाएं (Diuretics) लेते हैं, उनमें शरीर का तापमान नियंत्रित करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है, जिससे ओवरहीटिंग का खतरा बढ़ जाता है।
बाहर काम करने वाले मजदूर
धूप में लंबे समय तक काम करने वाले लोगों को अपने साथ पानी, गमछा और सिर ढकने के लिए कपड़ा जरूर रखना चाहिए।
हीटस्ट्रोक से बचने के जरूरी उपाय
- दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- तरबूज, खरबूजा और खीरा जैसे पानी से भरपूर फल खाएं।
- धूप में निकलते समय सनस्क्रीन और हल्के कपड़े पहनें।
- ज्यादा मसालेदार और तला-भुना खाना खाने से बचें।
- सुबह या शाम के समय ही वॉक या एक्सरसाइज करें।
- शरीर को ठंडा रखने के लिए नीम या तुलसी वाले पानी से स्नान भी फायदेमंद हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तेज गर्मी में चक्कर, उल्टी, तेज सिरदर्द या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत छांव में जाएं और डॉक्टर से संपर्क करें।













