भारी बारिश और भूस्खलन से हाहाकार: महिला की मौ*त, 1311 सड़कें बंद, स्कूलों में छुट्टी

भारी बारिश और भूस्खलन से हाहाकार: महिला की मौ*त, 1311 सड़कें बंद, स्कूलों में छुट्टी

02 सितम्बर 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

Himachal Desk:  हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश और भूस्खलन ने तबाही मचा दी है। सैकड़ों सड़कें बंद हैं, कई गांवों में बिजली और पानी की आपूर्ति ठप हो गई है और हालात सामान्य होने के आसार अभी दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहे। रविवार से जारी बारिश के चलते मंगलवार सुबह 10 बजे तक 6 नेशनल हाईवे समेत 1311 सड़कें बंद रहीं। 3263 बिजली ट्रांसफार्मर और 858 जल आपूर्ति योजनाएं ठप होने से ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सोलन जिले के कसौली क्षेत्र में मकान गिरने से एक महिला की मौत हो गई, जबकि कुल्लू जिले के आनी में दो मंजिला मकान जमींदोज हो गया। राज्य सरकार ने मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर कांगड़ा, बिलासपुर, सोलन, शिमला, सिरमौर, लाहौल, कुल्लू, ऊना, हमीरपुर, चंबा, किन्नौर और मंडी जिलों में सभी स्कूल बंद रखने का आदेश दिया है। कई जगह भारी भूस्खलन से सड़कें और बिजली व्यवस्था ठप हो गई है। चंबा जिले में 239 सड़कें, 207 ट्रांसफार्मर और 100 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। मनाली-लेह हाईवे बंद होने से करीब 250 वाहन फंसे हुए हैं। कालका-शिमला रेलमार्ग भी 5 सितंबर तक बंद कर दिया गया है। किन्नौर में एनएच-5 बंद होने से टापरी में सेब की 7000 पेटियां अटक गई हैं। नदियां उफान पर हैं और कई घरों को खाली करवाना पड़ा है। मौसम विभाग ने कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। 3 सितंबर को शिमला, किन्नौर और सिरमौर के लिए ऑरेंज अलर्ट रहेगा। विभाग का अनुमान है कि बारिश का दौर 8 सितंबर तक जारी रहेगा। मानसून सीजन में अब तक 327 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 385 घायल और 41 लोग लापता हैं। इस दौरान हजारों घर, दुकानें और गोशालाएं क्षतिग्रस्त हुईं और करीब 1900 पालतू पशुओं की जान गई है। संपत्ति का नुकसान 3,15,808.98 लाख रुपये आंका गया है। उधर, ऊना जिले के हरोली क्षेत्र में भदसाली पुल का पिलर क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसके चलते गगरेट मार्ग को बंद कर दिया गया है। लोक निर्माण विभाग यातायात बहाल करने में जुटा हुआ है, लेकिन लगातार बारिश काम में बाधा डाल रही है