23 June 2026 Fact Recorder
Haryana Desk: IDFC फर्स्ट बैंक से जुड़े करोड़ों रुपये के सरकारी फंड गबन मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने हरियाणा कैडर के वरिष्ठ IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। CBI ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर गिरफ्तारी की पुष्टि की है। पंकज अग्रवाल वर्ष 2000 बैच के IAS अधिकारी हैं और राज्य सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
गिरफ्तारी के बाद पंकज अग्रवाल को मंगलवार सुबह पंचकूला स्थित CBI की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां उनसे जुड़े मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। उनकी गिरफ्तारी से हरियाणा के प्रशासनिक गलियारों में हलचल मच गई है। वर्तमान में वह हरियाणा सरकार के आर्किटेक्चर विभाग में प्रधान सचिव के पद पर तैनात थे। इससे पहले वह राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) भी रह चुके हैं और वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव उनके नेतृत्व में संपन्न हुए थे।
सरकारी खजाने को 60 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान
CBI जांच के अनुसार, यह मामला IDFC फर्स्ट बैंक की सेक्टर-32, चंडीगढ़ शाखा से जुड़े बहुचर्चित सरकारी फंड घोटाले से संबंधित है। आरोप है कि वित्त विभाग के दिशा-निर्देशों और निर्धारित नियमों की अनदेखी करते हुए बैंक में खाते खोले गए तथा सरकारी धन को अवैध रूप से स्थानांतरित किया गया।
जांच एजेंसी का दावा है कि इन खातों के माध्यम से फर्जी वित्तीय लेनदेन किए गए, जिसके कारण सरकारी खजाने को लगभग 60.54 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। यह घोटाला 600 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन से जुड़ा बताया जा रहा है।
छह दिनों में दो IAS अधिकारियों की गिरफ्तारी
CBI का कहना है कि विस्तृत जांच के दौरान पंकज अग्रवाल के खिलाफ महत्वपूर्ण साक्ष्य सामने आए हैं। जिस समय कथित अनियमितताएं हुईं, उस दौरान वह शिक्षा और कृषि विभागों में प्रधान सचिव के पद पर कार्यरत थे। एजेंसी अब उन्हें रिमांड पर लेकर मामले में और पूछताछ कर सकती है।
गौरतलब है कि इससे पहले 18 जून को CBI ने हरियाणा के एक अन्य IAS अधिकारी आर.के. सिंह को भी इसी घोटाले से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। इस तरह महज छह दिनों के भीतर दो वरिष्ठ IAS अधिकारियों की गिरफ्तारी ने मामले की गंभीरता को और बढ़ा दिया है।
आर.के. सिंह पर क्या हैं आरोप?
CBI के अनुसार, आर.के. सिंह को पंचकूला नगर निगम से जुड़े सरकारी धन के कथित दुरुपयोग के मामले में गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि नगर निगम आयुक्त रहते हुए उन्होंने अवैध रूप से चेक पास किए और सरकारी धन के दुरुपयोग में भूमिका निभाई। जांच एजेंसी का मानना है कि यह मामला भी सेक्टर-32 स्थित IDFC फर्स्ट बैंक शाखा से जुड़े बड़े फंड घोटाले का हिस्सा है।
फिलहाल आर.के. सिंह न्यायिक हिरासत में हैं। CBI इस मामले में अब तक बैंक अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों समेत 17 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।













