Guru Arjan Dev Ji Birth Anniversary ; Sangat Reach Golden Temple Bow Head | Amritsar | गुरु अरजन देव जी के प्रकाश पर्व आज: गोल्डन टेंपल का करवाया था निर्माण; देश-विदेश से संगत पहुंची नतमस्तक होने – Amritsar News

गोल्डन टेंपल अमृतसर का मनमोहक दृश्य।

सिखों के पांचवें गुरु, शहीदों के सिरमौर श्री गुरु अरजन देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर आज गोल्डन टेंपल अमृतसर में देश-विदेश से भारी संख्या में संगतें नतमस्तक होने पहुंचीं। श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में स्नान किया और सरबत (संपूर्ण मानवता) के भले के

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इस पावन अवसर पर संगतों ने गोल्डन टेंपल में माथा टेक कर गुरबाणी कीर्तन का आनंद लिया और गुरु जी की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। संगतों ने बताया कि वे खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं कि गुरु अरजन देव जी के प्रकाश पर्व पर दरबार साहिब में नतमस्तक होकर वे मानवता के कल्याण की प्रार्थना कर सके।

नतमस्तक होने पहुंची संगत।

नतमस्तक होने पहुंची संगत।

भक्त धन्ना जी का प्रकाश पर्व भी आज

श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने समस्त सिख संगत और मानवता को प्रकाश पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन अत्यंत पावन है, क्योंकि यह दिन न केवल गुरु अरजन देव जी का प्रकाश पर्व है, बल्कि गुरु ग्रंथ साहिब में जिन भक्तों की वाणी शामिल है, उनमें से एक भक्त धन्ना जी का भी आज जन्मदिवस है।

जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप संह गड़गज नतमस्तक होते हुए।

जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप संह गड़गज नतमस्तक होते हुए।

1604 में करवाया था गोल्डन टेंपल का निर्माण

ज्ञानी कुलदीप सिंह ने कहा कि गुरु अरजन देव जी ने न केवल हरमंदिर साहिब (गोल्डन टेंपल) का निर्माण कराया बल्कि वर्ष 1604 में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रथम स्वरूप लिखवाकर उसका प्रथम प्रकाश भी गोल्डन टेंपल में ही करवाया। बाबा बुड्ढा जी को पहले मुख्य ग्रंथि के रूप में सेवा सौंपी गई। गुरु जी ने अपनी अमृतमयी वाणी से पूरी मानवता को राह दिखाई और जब समय आया तो पूर्ण शांति से लाहौर की धरती पर शहीदी प्राप्त कर ली।

गोल्डन टेंपल का मनमोहक दृश्य।

गोल्डन टेंपल का मनमोहक दृश्य।