19 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: Google ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अब तक के सबसे बड़े निवेश की घोषणा की है। कंपनी के सीईओ सुंदर पिचाई ने बताया कि गूगल भारत में 15 अरब डॉलर (करीब 1.35 लाख करोड़ रुपये) का AI हब विकसित करेगा। इस परियोजना के तहत न केवल अत्याधुनिक कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा, बल्कि भारत और अमेरिका को जोड़ने वाली अंतरराष्ट्रीय समुद्री केबल भी बिछाई जाएगी।
AI Impact Summit 2026 में हुआ बड़ा ऐलान
AI Impact Summit 2026 में बोलते हुए सुंदर पिचाई ने कहा कि यह निवेश भारत में रोजगार सृजन, डिजिटल कनेक्टिविटी और उन्नत AI इकोसिस्टम को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। उन्होंने बताया कि यह प्रोजेक्ट गीगावाट-स्केल कंप्यूट फैसिलिटी पर आधारित होगा, जो भारत को वैश्विक AI हब के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।
भारत–अमेरिका के बीच बिछेगी अंडरसी केबल
गूगल ने इस अवसर पर “India–America Connect Initiative” की भी घोषणा की। इस पहल के तहत भारत, अमेरिका और दक्षिणी गोलार्ध के कई देशों के बीच समुद्र के नीचे नई सबसी केबल बिछाई जाएगी। इसका उद्देश्य तेज़, सुरक्षित और भरोसेमंद AI कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना है, जिससे डेटा ट्रांसमिशन और क्लाउड सेवाएं पहले से कहीं अधिक मजबूत होंगी।
विशाखापत्तनम में बनेगा अत्याधुनिक AI हब
सुंदर पिचाई ने बताया कि आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम (विजाग) में प्रस्तावित AI हब में गीगावाट-स्तर की कंप्यूटिंग सुविधा और अंतरराष्ट्रीय सबसी केबल गेटवे स्थापित किया जाएगा। इसके पूरा होने के बाद यह हब पूरे भारत में स्टार्टअप्स, उद्योगों और डेवलपर्स को अत्याधुनिक AI संसाधन उपलब्ध कराएगा।
रोजगार और बिजनेस को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
गूगल के अनुसार, इस परियोजना से देशभर में हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही, छोटे और बड़े व्यवसायों को क्लाउड, AI टूल्स और एंटरप्राइज-ग्रेड सेवाओं तक बेहतर पहुंच मिलेगी। कंपनी के Gemini और Gemma जैसे बेस AI मॉडल, सर्च, क्लाउड और डिजिटल सेवाओं की रीढ़ बनेंगे।
छात्रों और युवाओं के लिए AI स्किल प्रोग्राम
समिट के दौरान गूगल ने छात्रों और शुरुआती करियर प्रोफेशनल्स के लिए Google AI Professional Certificate Program की भी घोषणा की, जो हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होगा। इसके अलावा, ‘कर्मयोगी भारत’ के साथ साझेदारी कर 2 करोड़ से अधिक लोक सेवकों को AI प्रशिक्षण देने की योजना भी सामने आई।
3 करोड़ डॉलर का ‘AI for Science Impact Challenge’
गूगल ने वैश्विक रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए 3 करोड़ डॉलर के AI for Science Impact Challenge की घोषणा की। साथ ही, 10 हजार स्कूलों में जनरेटिव AI टूल्स लाने के लिए ‘अटल टिंकरिंग लैब्स’ के साथ सहयोग भी किया जाएगा।
“AI हमारे जीवनकाल का सबसे बड़ा बदलाव” – सुंदर पिचाई
सुंदर पिचाई ने कहा,
“AI हमारे जीवनकाल का सबसे बड़ा तकनीकी बदलाव है। यह स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर किसानों को रियल-टाइम जानकारी देने तक, बड़ी समस्याओं का समाधान कर सकता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि भारत की भाषाई विविधता, मजबूत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और नवाचार की संस्कृति इसे वैश्विक AI लोकतंत्रीकरण का आदर्श मॉडल बनाती है।
विश्वास, सुरक्षा और समावेशन पर जोर
पिचाई ने AI के विकास में भरोसे, सुरक्षा और समावेशन को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि AI तकनीक पारदर्शी, जिम्मेदार और स्थानीय संदर्भों के अनुकूल होनी चाहिए, ताकि आम लोग उस पर भरोसा कर सकें और वास्तविक लाभ प्राप्त कर सकें।













