November 4,2026 Fact Recorder
Business Desk: सोने की कीमतों में पिछले कुछ समय से लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। ऐसे में सोना खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए एक और बड़ी खबर सामने आई है। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने अनुमान जताया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में अभी करीब 11 फीसदी तक की और गिरावट आ सकती है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो भारतीय बाजार में भी सोने के दाम में बड़ी कमी देखने को मिल सकती है।
11 फीसदी तक गिर सकता है सोने का भाव
नोमुरा की ताजा रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत घटकर 3,500 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है। फिलहाल सोना करीब 3,947 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इस लिहाज से मौजूदा कीमत से लगभग 11 फीसदी की और गिरावट की संभावना जताई गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय बाजार में इस समय 10 ग्राम सोने की कीमत करीब 1.39 लाख रुपये मानी जा रही है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमान के मुताबिक गिरावट आती है, तो भारत में 10 ग्राम सोना लगभग 15,290 रुपये तक सस्ता हो सकता है। इस स्थिति में इसकी कीमत करीब 1.23 लाख रुपये के स्तर पर पहुंच सकती है।
2026 में पहले ही 8 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है सोना
साल 2026 की शुरुआत में सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसका भाव 5,500 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर के पार पहुंच गया था। हालांकि, इसके बाद बाजार का रुख बदला और सोने की कीमतें गिरकर 4,000 डॉलर प्रति औंस से नीचे आ गईं।
इस साल अब तक सोने के भाव में 8 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। बाजार में लगातार हो रही मुनाफावसूली को इस गिरावट की एक प्रमुख वजह माना जा रहा है।
मुनाफावसूली से सोने की कीमतों पर दबाव
एलकेपी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट और रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, निवेशकों की ओर से लगातार मुनाफावसूली किए जाने के कारण सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। भारी बिकवाली के चलते सोना ओवरसोल्ड जोन के करीब पहुंच रहा है।
उनका मानना है कि सोने की कीमतों में मजबूत और टिकाऊ रिकवरी के लिए नई खरीदारी जरूरी है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार से सकारात्मक संकेत मिलने पर ही कीमतों को दोबारा सहारा मिल सकता है।
अमेरिकी चुनाव और आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी बाजार की नजर
आने वाले दिनों में सोने की कीमतों की दिशा तय करने में अमेरिकी आर्थिक और राजनीतिक घटनाक्रम की अहम भूमिका हो सकती है। बाजार की नजर अमेरिकी मिडटर्म चुनाव, बेरोजगारी के आंकड़ों और नॉन-फार्म पेरोल डेटा पर रहेगी।
इन आंकड़ों से अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति को लेकर संकेत मिल सकते हैं। वहीं, तकनीकी स्तर पर 1,42,000 रुपये का भाव सोने के लिए अहम रेजिस्टेंस माना जा रहा है। इसके ऊपर टिके बिना निकट अवधि में तेजी की संभावना सीमित रह सकती है।
कोटक नियो की एवीपी कायनात चेनवाला के मुताबिक, अमेरिकी चुनाव के नतीजे, ऊर्जा नीति और ईरान को लेकर वॉशिंगटन का रुख भी सोने की कीमतों को प्रभावित कर सकता है।
क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा?
नोमुरा का अनुमान सोने की कीमतों में संभावित गिरावट की ओर इशारा करता है, लेकिन यह निश्चित नहीं है कि बाजार में इतनी गिरावट जरूर आएगी। सोने की कीमतें वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, डॉलर की चाल, ब्याज दरों और निवेशकों की खरीद-बिक्री जैसे कई कारकों पर निर्भर करती हैं। इसलिए खरीदारी का फैसला लेने से पहले ताजा बाजार भाव और विशेषज्ञों की सलाह पर ध्यान देना जरूरी है।













