16 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Business Desk: नवंबर 2025 में भारत के विदेशी व्यापार मोर्चे पर राहत भरी खबर सामने आई है। इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के मजबूत निर्यात के साथ-साथ सोना, कच्चा तेल और कोयले के आयात में आई बड़ी गिरावट के कारण देश का व्यापार घाटा घटकर पांच महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर में वस्तु निर्यात सालाना आधार पर 19.37 फीसदी की तेज बढ़त के साथ 38.13 अरब डॉलर पर पहुंच गया। यह बीते छह महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है। अक्तूबर में आई गिरावट के बाद निर्यात में यह मजबूती भारतीय निर्यातकों की मजबूत वापसी को दर्शाती है।
इसी दौरान आयात में मामूली कमी दर्ज की गई, जिससे व्यापार घाटा घटकर 24.53 अरब डॉलर रह गया। इससे पहले जून में व्यापार घाटा 18.78 अरब डॉलर था, जबकि अक्तूबर में यह बढ़कर रिकॉर्ड 41.68 अरब डॉलर तक पहुंच गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद यह सुधार भारत के लिए सकारात्मक संकेत है।
सोना और तेल आयात में भारी गिरावट
नवंबर में कुल आयात सालाना आधार पर 1.88 फीसदी घटकर 62.66 अरब डॉलर रहा। इसकी सबसे बड़ी वजह सोने के आयात में तेज गिरावट रही। नवंबर में सोने का आयात 59.15 फीसदी घटकर करीब 4 अरब डॉलर रह गया। इसके अलावा कच्चे तेल का आयात 11.27 फीसदी घटकर 14.11 अरब डॉलर पर आ गया। कोयले के आयात में भी कमी दर्ज की गई, जिससे आयात बिल पर दबाव कम हुआ।
इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों ने संभाला मोर्चा
वैश्विक टैरिफ और व्यापार संबंधी चुनौतियों के बावजूद इंजीनियरिंग वस्तुओं के निर्यात में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली। नवंबर में यह 23.7 फीसदी बढ़कर लगभग 11.01 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जबकि एक साल पहले यह 8.9 अरब डॉलर था। पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात भी 11.65 फीसदी की वृद्धि के साथ 3.93 अरब डॉलर रहा। चाय, कॉफी, काजू, डेयरी, हैंडीक्राफ्ट, समुद्री और चमड़ा उत्पादों के निर्यात में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई।
कुछ क्षेत्रों में दिखी कमजोरी
हालांकि, नवंबर में चावल, तिलहन, कारपेट और प्लास्टिक जैसे कुछ उत्पादों के निर्यात में गिरावट भी देखी गई। अधिकारियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय मांग में उतार-चढ़ाव और कीमतों का दबाव इसकी प्रमुख वजह रहा। इसके बावजूद कुल निर्यात में आई मजबूती ने इन क्षेत्रों की कमजोरी की भरपाई कर दी।
आठ महीनों में 562 अरब डॉलर के पार निर्यात
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि नवंबर का प्रदर्शन निर्यात के लिहाज से काफी बेहतर रहा और इससे अक्तूबर में हुए नुकसान की भरपाई हो गई। चालू वित्त वर्ष के पहले आठ महीनों (अप्रैल से नवंबर) में देश का कुल निर्यात 562.13 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 5.83 फीसदी अधिक है। वहीं, सेवाओं का निर्यात भी बढ़कर 270 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।











