Home Breaking बड़े दिनों के बाद सस्ता हुआ सोना, आज निवेश का शानदार मौका

बड़े दिनों के बाद सस्ता हुआ सोना, आज निवेश का शानदार मौका

12 Feb 2025: Fact Recorder

Gold price forecast 2025: बड़े दिनों के बाद सोने की कीमतों में कमी देखने को मिली है। आज सोना सस्ता हुआ है, इससे पहले लगातार उसके दाम ऊपर चढ़ रहे थे।

Gold Price Update: कई दिनों के बाद सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों को लेकर पूरी दुनिया में चिंता है, इस वजह से सोने के दाम लगातार बढ़ रहे थे। यह चिंता अभी भी कायम है, लेकिन इसके बावजूद आज सोना सस्ता हुआ है। गोल्ड की कीमतों में आई गिरावट निवेश करने वालों के लिए अच्छी खबर है और यह उनके लिए खरीदारी का बड़ा मौका भी है।

इस वजह से आई गिरावट

मंगलवार को रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद सोने के दाम आज कुछ कम हुए हैं। गुड रिटर्न्स के अनुसार, सोने की कीमतों में 700 रुपये की बड़ी गिरावट आई है। कल 24 कैरेट वाले 10 ग्राम सोने का भाव 87,380 रुपये चल रहा था, आज यह घटकर 86,670 रुपये हो गया है। गोल्ड की कीमतों में इस गिरावट की वजह मुनाफावसूली है। हालांकि, आगे इसके दाम फिर से दौड़ लगा सकते हैं।

यह अच्छी रणनीति

एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने की कीमत में कमी की वजह मुनाफावसूली है। निवेशकों ने प्रॉफिट बुक किया है, जो एक अच्छी रणनीति है। खासकर ऐसे निवेशक जिन्होंने पिछले साल दीपावली के आसपास गोल्ड में निवेश किया था, उन्हें कुछ सोना बेचकर मुनाफा कमा लेना चाहिए। उनका यह भी कहना है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ट्रंप टैरिफ को लेकर चिंता कायम है, ऐसे में सोना फिर तेज रफ्तार से दौड़ लगा सकता है। यह गिरावट अस्थाई है।

कैसे प्रभावित होती हैं कीमतें?

देश में सोने की कीमतें केवल मांग और आपूर्ति से ही प्रभावित नहीं होतीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली गतिविधियों का भी इन पर असर पड़ता है। लंदन ओटीसी स्पॉट मार्केट और कॉमेक्स गोल्ड फ्यूचर्स मार्केट सहित प्रमुख वैश्विक बाजारों में होने वाली व्यापारिक गतिविधियों से भी सोने की कीमतें काफी हद तक प्रभावित होती हैं।

कौन तय करता है कीमत?

दुनियाभर में लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (LBMA) द्वारा Gold की कीमत तय की जाती है। वो US डॉलर में सोने की कीमत प्रकाशित करता है, जो बैंकरों और बुलियन व्यापारियों के लिए वैश्विक बेंचमार्क के रूप में कार्य करती है। वहीं, अपने देश में, इंडियन बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आयात शुल्क और अन्य टैक्स को जोड़कर यह निर्धारित करता है कि रिटेल विक्रेताओं को सोना किस दर पर दिया जाएगा।