16 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Business Desk: सप्ताह की शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। इसकी मुख्य वजह अमेरिकी डॉलर की मजबूती और इस सप्ताह होने वाली प्रमुख केंद्रीय बैंकों की बैठकों से पहले निवेशकों का सतर्क रुख माना जा रहा है।
कमोडिटी बाजार में गोल्ड फ्यूचर्स में करीब 1% से अधिक की गिरावट आई और यह लगभग 5005 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया। वहीं सिल्वर फ्यूचर्स में भी करीब 2% की गिरावट देखी गई और यह लगभग 79.60 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता नजर आया।
विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण निवेशक फिलहाल सावधानी बरत रहे हैं। खाड़ी क्षेत्र में जारी टकराव का असर तेल बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 105 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी कच्चा तेल लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है, जिससे महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं।
इस सप्ताह दुनिया के कई बड़े केंद्रीय बैंक—जैसे अमेरिकी फेडरल रिजर्व, यूरोपीय सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ इंग्लैंड—अपनी मौद्रिक नीति से जुड़े फैसले घोषित करने वाले हैं। बाजार को फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव की कम उम्मीद है, लेकिन निवेशकों की नजर आगे की नीतिगत संकेतों पर टिकी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत डॉलर और ऊंची तेल कीमतों के कारण फिलहाल कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। हालांकि भू-राजनीतिक तनाव के चलते सोना और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग बनी रह सकती है, जिससे आने वाले दिनों में इनके दामों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।













