9 June 2026 Fact Recorder
Himachal Desk: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के समीप मशोबरा में महिलाओं के लिए राज्य का पहला ‘नव-जीवन’ नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने सोमवार को इस विशेष केंद्र का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नशे, विशेषकर चिट्टे की समस्या केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक, पारिवारिक और मानवीय चुनौती है। राज्य सरकार शुरू से ही इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जागरूकता अभियान चला रही है और नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने कहा कि यह अपनी तरह का प्रदेश का पहला विशेष केंद्र है, जहां नशे की शिकार महिलाओं को केवल इलाज ही नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन की ओर लौटने का अवसर भी मिलेगा। केंद्र में सुरक्षित आवास, चिकित्सकीय उपचार, मनोवैज्ञानिक परामर्श, पुनर्वास, सामाजिक पुनर्स्थापना और परिवार आधारित सहयोग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकारी क्षेत्र में दूसरा नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र Dr. Rajendra Prasad Government Medical College में स्थापित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि नशे के शिकार युवा और महिलाएं अपराधी नहीं हैं, बल्कि उन्हें सहायता और उपचार की आवश्यकता है। वहीं, नशा बेचने वाले तस्कर समाज के दुश्मन हैं और सरकार उनके खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगी। सरकार की नीति पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता और तस्करों के प्रति सख्ती की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई महिला या बेटी नशे की गिरफ्त में आती है तो इसका असर केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ियों पर पड़ता है। इसी सोच के तहत सरकार उपचार, परामर्श और पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि 15 नवंबर 2025 को शिमला से शुरू किया गया ‘एंटी-चिट्टा जन आंदोलन’ अब एक व्यापक सामाजिक अभियान का रूप ले चुका है। इसमें युवाओं, पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षकों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। मुख्यमंत्री ने लोगों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने और समाज को नशा मुक्त बनाने का आह्वान किया।













