सरकार द्वारा दूसरे बच्चे के रूप में बेटी के जन्म पर 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है
वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 36,154 लाभार्थी महिलाओं का पंजीकरण
चंडीगढ़, 22 जुलाई 2026 Fact Recorder
Punjab Desk: पंजाब के मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार महिलाओं के कल्याण तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार जनहितकारी कदम उठा रही है। इसी क्रम में चालू वित्तीय वर्ष के दौरान अब तक गर्भवती महिलाओं एवं स्तनपान कराने वाली माताओं को 1.70 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है। यह जानकारी सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने दी।
इस सम्बन्धी ओर जानकारी देते हुए डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि सरकार द्वारा पहले बच्चे के जन्म पर पात्र महिलाओं को 5,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। यह राशि दो किस्तों में प्रदान की जाती है, जिसमें पहली किस्त 3,000 रुपये तथा दूसरी किस्त 2,000 रुपये की होती है।
उन्होंने बताया कि यदि दूसरे बच्चे के रूप में बेटी का जन्म होता है, तो सरकार की ओर से 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता एकमुश्त प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि यह पूरी राशि लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता और समय पर सहायता सुनिश्चित होती है।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष के दौरान अब तक 4,056 गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली माताओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक इस योजना के अंतर्गत 36,154 लाभार्थी महिलाओं का पंजीकरण किया जा चुका है।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि माताओं के स्वास्थ्य, पोषण तथा नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का प्रयास है कि कोई भी मां आर्थिक अभाव के कारण आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे तथा प्रत्येक बच्चे को जन्म से ही सुरक्षित और स्वस्थ शुरुआत मिल सके।
उन्होंने अंत में दोहराया कि मान सरकार महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा यह सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे।













