03 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Chandigarh Desk: गैंगवार में मारे गए इंद्रप्रीत सिंह उर्फ पैरी के खिलाफ जिला अदालत में चल रहा रंगदारी का मामला औपचारिक रूप से बंद कर दिया गया है। पुलिस ने अदालत में पैरी का डेथ सर्टिफिकेट पेश किया, जिसके बाद न्यायालय ने उसके खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को समाप्त करने का आदेश दिया।
पैरी पर शहर में गैंगस्टर नेटवर्क फैलाने और रंगदारी वसूलने के गंभीर आरोप थे। उसके खिलाफ जिला अदालत में कई आपराधिक मामले विचाराधीन थे, जिनमें व्यापारियों और अन्य लोगों से रंगदारी मांगने का एक मामला भी शामिल था। बताया जा रहा है कि 1 दिसंबर 2025 को सेक्टर-26 इलाके में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी।
हालांकि, इस रंगदारी मामले में पैरी अकेला आरोपी नहीं था। पुलिस के अनुसार सतनाम सिंह, सिमरनजीत सिंह, अमनदीप सिंह उर्फ मनी, गगनदीप सिंह और बनूड़ निवासी दीपू भी इस केस में नामजद हैं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि पैरी की मृत्यु के बावजूद अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमे की कार्यवाही जारी रहेगी।
पुलिस ने बताया कि करीब चार साल पहले गुप्त सूचना के आधार पर शहर में सक्रिय गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। जांच में सामने आया था कि कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का गिरोह शहर और आसपास के इलाकों में अपना नेटवर्क मजबूत कर रहा था। बिश्नोई और उसका सहयोगी संपत नेहरा जेल से गिरोह को निर्देश दे रहे थे, जबकि विदेश में बैठा गोल्डी बराड़ भी उनके संपर्क में था।
जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह के सदस्य व्यापारियों, बिल्डरों, होटल और क्लब संचालकों से हथियारों के दम पर रंगदारी वसूलते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ऑटोमैटिक और सेमी-ऑटोमैटिक हथियार, पिस्टल, कारतूस और .30 बोर राइफल बरामद की थी, जिनमें पैरी भी शामिल था।













