Explainer: साल 2026 में कब-कब लगेंगे सूर्य और चंद्र ग्रहण? तारीख, समय और सूतक काल की पूरी जानकारी

13 January 2026 Fact Recorder

Rashifal Desk: साल 2026 खगोलीय घटनाओं के लिहाज से बेहद खास रहने वाला है। इस साल आसमान में चार बड़े ग्रहण देखने को मिलेंगे—जिनमें दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण शामिल हैं।
विज्ञान की नजर में ग्रहण एक सामान्य खगोलीय घटना है, लेकिन भारतीय परंपरा और ज्योतिष में इसका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व भी माना जाता है। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल होना स्वाभाविक है कि कौन-सा ग्रहण कब लगेगा, भारत में दिखाई देगा या नहीं और सूतक काल मान्य होगा या नहीं।

आइए, एक नजर डालते हैं साल 2026 के सभी ग्रहणों की पूरी लिस्ट पर—

2026 के सूर्य ग्रहण

पहला सूर्य ग्रहण — 17 फरवरी 2026

  • ग्रहण का प्रकार: वलयाकार सूर्य ग्रहण

  • तारीख: मंगलवार, 17 फरवरी 2026

  • भारत में दृश्यता: ❌ नहीं दिखेगा

  • सूतक काल: ❌ मान्य नहीं

  • कहां दिखेगा: पश्चिम एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, उत्तर और दक्षिण अमेरिका

वलयाकार सूर्य ग्रहण क्या होता है?
जब चंद्रमा पृथ्वी से अधिक दूरी पर होता है और सूर्य को पूरी तरह ढक नहीं पाता, तब सूर्य के चारों ओर आग की अंगूठी जैसा घेरा दिखता है, जिसे Ring of Fire कहा जाता है।


दूसरा सूर्य ग्रहण — 12 अगस्त 2026

  • ग्रहण का प्रकार: वलयाकार सूर्य ग्रहण

  • तारीख: बुधवार, 12 अगस्त 2026

  • भारत में दृश्यता: ❌ नहीं दिखेगा

  • सूतक काल: ❌ मान्य नहीं

  • कहां दिखेगा: अमेरिका, अर्जेंटीना और अटलांटिक क्षेत्र के कुछ हिस्से

2026 के चंद्र ग्रहण

पहला चंद्र ग्रहण — 3 मार्च 2026 (होली के दिन)

  • ग्रहण का प्रकार: उपछाया चंद्र ग्रहण

  • तारीख: मंगलवार, 3 मार्च 2026

  • समय (भारत में): शाम 6:26 बजे से 6:46 बजे तक

  • भारत में दृश्यता: ✅ दिखाई देगा

  • सूतक काल: ✅ मान्य होगा

  • कहां दिखेगा: भारत, एशिया, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका


दूसरा (आखिरी) चंद्र ग्रहण — 28 अगस्त 2026

  • ग्रहण का प्रकार: आंशिक चंद्र ग्रहण

  • तारीख: शुक्रवार, 28 अगस्त 2026

  • भारत में दृश्यता: ⚠️ आंशिक रूप से

  • सूतक काल: ✅ जहां दिखेगा, वहां मान्य

  • कहां दिखेगा: भारत (आंशिक), यूरोप, उत्तर व दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका

 ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें?

हिंदू धर्म में ग्रहण काल को सूतक काल कहा जाता है। इस दौरान कुछ विशेष नियमों का पालन किया जाता है—

क्या न करें

  • सूतक काल में पूजा-पाठ और मूर्ति स्पर्श से बचें

  • भोजन पकाना और खाना वर्जित माना जाता है

  • गर्भवती महिलाएं बाहर न निकलें और नुकीली चीजों (चाकू, कैंची) का इस्तेमाल न करें

क्या करें

  • पके हुए भोजन में तुलसी के पत्ते डालकर रखें

  • ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान और दान करें

  • मंत्र जाप और ध्यान करना शुभ माना जाता है