नई दिल्ली/पणजी, 22 जून 2026 Fact Recorder
National Desk: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गोवा में कथित अवैध लौह अयस्क खनन और उससे जुड़े धनशोधन मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 1,023.85 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क कर ली हैं। कुर्क की गई संपत्तियों में भारत के साथ-साथ सिंगापुर में स्थित अचल संपत्तियां भी शामिल हैं।
ईडी ने बताया कि यह कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है। एजेंसी ने 19 जून को अस्थायी कुर्की आदेश जारी किया था। मामला साल्गाओकर ग्रुप एंड एसोसिएट्स (एवीएस ग्रुप) से जुड़े कथित अवैध लौह अयस्क खनन से संबंधित है।
भारत और सिंगापुर में संपत्तियां जब्त
ईडी के अनुसार, कुर्क की गई संपत्तियों में भारत में स्थित 99 अचल संपत्तियां शामिल हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 459.10 करोड़ रुपये है। इसके अलावा सिंगापुर में स्थित 31 अचल संपत्तियों का मूल्य 471.32 करोड़ रुपये आंका गया है। साथ ही भारतीय कंपनियों में 93.42 करोड़ रुपये मूल्य के इक्विटी शेयर भी जब्त किए गए हैं।
इन कंपनियों और व्यक्तियों से जुड़ी हैं संपत्तियां
जांच एजेंसी के मुताबिक, जब्त की गई संपत्तियां दिवंगत अनिल साल्गांवकर, उनकी संपत्ति की प्रशासक लक्ष्मी अनिल साल्गांवकर, साल्गांवकर माइनिंग इंडस्ट्रीज, शांतिलाल खुषालदास एंड ब्रदर्स, एस. कांतिलाल एंड कंपनी, सलीथो ओर्स, वर्टेक्स न्यूटन प्रोजेक्ट्स और सुबर्णरेखा पोर्ट से संबंधित हैं।
सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के बाद शुरू हुई जांच
ईडी की जांच गोवा पुलिस की सीआईडी द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू हुई थी। एजेंसी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने वर्ष 2014 और 2018 के अपने फैसलों में स्पष्ट किया था कि 22 नवंबर 2007 के बाद से नए खनन पट्टे जारी होने तक गोवा में किया गया खनन अवैध माना जाएगा।
2,492 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का आरोप
जांच में सामने आया है कि एवीएस ग्रुप ने वर्ष 2007 से 2012 के बीच 10 खनन पट्टों का संचालन किया। इस दौरान कथित तौर पर अवैध रूप से लौह अयस्क का उत्खनन, बिक्री और निर्यात कर लगभग 2,492.95 करोड़ रुपये की अवैध आय अर्जित की गई।
ईडी ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और अवैध खनन से जुड़े वित्तीय लेनदेन तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।













