29 अप्रैल 2026 Fact Recorder
National Desk: दिल्ली में बिहार के एक युवक की हत्या के मामले ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। इस बीच केंद्रीय मंत्री और Lok Janshakti Party (Ram Vilas) प्रमुख Chirag Paswan ने एक नई मांग उठाई है। उन्होंने बिहार में ‘प्रवासी बिहारी मंत्रालय’ बनाने की बात कही है, जो राज्य से बाहर रहने वाले बिहारियों के हितों की रक्षा करे।
चिराग पासवान ने कहा कि यह पहल उनकी ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ नीति का अहम हिस्सा है। उनके मुताबिक, इस मंत्रालय के जरिए देश और विदेश में रहने वाले बिहारियों का डेटा रखा जा सकेगा और उनकी सुरक्षा व सम्मान सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार की जिम्मेदारी सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि बाहर रह रहे बिहारियों की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाली सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाएगी और मौजूदा सरकार से भी इस व्यवस्था को लागू करने का आग्रह किया जाएगा।
इस मामले में चिराग पासवान ने दिल्ली में हुई हत्या की घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि केवल बिहार से होने के कारण किसी के साथ इस तरह की घटना होना बेहद गंभीर है और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
उन्होंने यह भी बताया कि उनकी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने के बाद Amit Shah से मुलाकात करेगा और न्याय की मांग करेगा।
साथ ही, उन्होंने Tejashwi Yadav के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि 1990 के दशक में आरजेडी शासन के दौरान राज्य की कानून-व्यवस्था और बुनियादी ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ था, जिससे उबरने में वर्षों लगे।
कुल मिलाकर, यह मुद्दा अब सिर्फ एक आपराधिक घटना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बिहारियों की सुरक्षा, पहचान और अधिकारों को लेकर बड़े राजनीतिक विमर्श का रूप लेता नजर आ रहा है।













